सार
केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने आरोप लगाया कि 19 जून को पश्चिम बंगाल के बजबज में टीएमसी समर्थकों ने उनके काफिले पर हमला किया। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को विशेषाधिकार हनन का नोटिस और गृह मंत्री अमित शाह को राज्य में कानून-व्यवस्था की जांच व राजनीतिक रूप से संवेदनशील इलाकों में केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग की है।
केंद्रीय मंत्री और भाजपा के पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने दावा किया है कि 19 जून को दक्षिण 24 परगना जिले के बजबज इलाके में उनके काफिले पर हमला किया गया। इस हमले के बाद उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखते हुए इसे गंभीर सुरक्षा चूक और सांसद के विशेषाधिकार का उल्लंघन बताया है। साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि बजबज में मेरे काफिले पर हमला टीएमसी समर्थित अपराधियों ने किया। उन्होंने कहा कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही। यह सिर्फ मेरी जान पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र पर सीधा हमला है।
बता दें कि दावा किया जा रहा है कि मजूमदार पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए बजबज गए थे, जिन पर एक दिन पहले बीडीओ ऑफिस के बाहर हमला हुआ था। इसी दौरान उनके काफिले को टीएमसी समर्थकों की भीड़ ने घेर लिया, नारेबाजी की और पथराव किया। कई गाड़ियों को नुकसान हुआ और कुछ लोग घायल हो गए।
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मजूमदार ने अधकारियों पर लगाया लापरवाही का आरोप
साथ ही मजूमदार ने अपने पोस्ट लिखा कि यह हमला उनकी जान पर सीधा खतरा था और यह लोकतंत्र पर हमला है। उन्होंने लिखा कि जब हमला हुआ, उस वक्त डायमंड हार्बर के पुलिस अधीक्षक मौके पर मौजूद थे, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। एसडीपीओ भी मौके पर नहीं पहुंचे, जबकि उन्हें पहले से दौरे की जानकारी दी गई थी। मजूमदार ने कहा कि स्थिति को CISF के जवानों ने संभाला, जो उन्हें Z कैटेगरी सुरक्षा के तहत मिले हैं।
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लोकसभा अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री शाह को लिखा पत्र
इस मामले में मजूमदार ने लोकसभा अध्यक्ष को लोकसभा प्रक्रिया नियम 222 के तहत विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। उन्होंने इस घटना को सांसद की गरिमा और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला बताया है। साथ ही उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति की जांच कराने, राजनीतिक रूप से संवेदनशील इलाकों में केंद्रीय बलों की तैनाती और हमले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।