सीबीआई की तरफ से जारी बयान के मुताबिक भल्ला ने अंतरराष्ट्रीय प्रवृति के अपराधों की जांच के लिए देश में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारियों को और अधिक प्रशिक्षण देने की जरूरत को भी रेखांकित किया।
केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला ने मंगलवार को कहा कि आपराधिक मामलों में कानूनी सहायता के लिए अन्य देशों के अनुरोधों को पारस्परिकता के हिस्से के रूप में प्राथमिकता से लिया जाना चाहिए।
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भल्ला यहां केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से लेटर रोगेटरी (एलआर), पारस्परिक कानूनी सहायता संधियों (एमएलएटी) और प्रत्यर्णप मामलों पर आयोजित इंटरपोल के संपर्क अधिकारियों की एक कार्यशाला का उद्घाटन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय ने एमएलएटी/एलआर अनुरोधों पर एक नया ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया है जिसका इस मकसद के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने जरूरत पड़ने पर आगे भी मदद का भरोसा दिया।
सीबीआई की तरफ से जारी बयान के मुताबिक भल्ला ने अंतरराष्ट्रीय प्रवृति के अपराधों की जांच के लिए देश में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारियों को और अधिक प्रशिक्षण देने की जरूरत को भी रेखांकित किया। उन्होंने एलआर और एमएलएटी पर भी और अधिक प्रशिक्षण की जरूरत बताई और राज्यों में कार्यशालाओं और सम्मेलनों के आयोजन समेत हर तरह की मदद की पेशकश की।