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गृह मंत्रालय ने सिमी को फिर से घोषित किया गैरकानूनी संगठन

Sat, 02 Feb 2019 10:34 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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गृहमंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : amar ujala
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केंद्र सरकार ने देश में आतंकी गतिविधियों में शामिल स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) पर पांच साल का प्रतिबंध बढ़ा दिया है। इस संबंध में गृह मंत्रालय की अधिसूचना के बाद यह आदेश बृहस्पतिवार से प्रभावी हो गया है। पिछली बार यूपीए सरकार ने 1 फरवरी 2014 को सिमी को पांच साल के लिए प्रतिबंधित किया था।

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अधिसूचना के अनुसार गैरकानूनी गतिविधियां (निरोधक) अधिनियम, 1967 की धारा 3 की  उप धारा (1) और (3 ) के तहत केंद्र सरकार सिमी को एक ‘गैरकानूनी संगठन’ घोषित करती है। यह प्रतिबंध पांच साल तक के लिए प्रभावी रहेगा। सिमी पर सरकार की तरफ से लगे इस प्रतिबंध की ट्रिब्यूनल की तरफ से पुष्टि की जाएगी।

गृह मंत्रालय के पास ऐसे 58 केसों की सूची है जिनमें सिमी के सदस्य कथित रूप से शामिल हैं। मंत्रालय का कहना है कि संगठन सांप्रदायिक विद्वेष पैदा कर लोगों की सोच को विकृत कर रहा है। यह ऐसी गतिविधियों में शामिल है जो देश की एकता और सुरक्षा के खिलाफ है। 
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गृह मंत्रालय ने 58 ऐसे मामलों को सूचीबद्ध किया जिसमें कथित रूप से सिमी के सदस्य शामिल थे। मंत्रालय का कहना है कि संगठन सांप्रदायिक वैमनस्य पैदा करके, देश की अखंडता और सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों को अंजाम देकर लोगों के दिमाग को दूषित कर रहा है। इसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार का यह भी मानना है कि सिमी की गतिविधियों को देखते हुए इसे तत्काल प्रभाव से गैरकानूनी संगठन घोषित करना जरूरी है।

आतंकी गतिविधियों से रहा है सिमी का नाता

सिमी के सदस्य साल 2017 में गया विस्फोट, साल 2014 में बंगलूरू के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में विस्फोट और साल 2014 में भोपाल जेलब्रेक कांड में शामिल रहे हैं। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, तमिलनाडु, तेलंगाना और केरल की पुलिस ने सिमी नेता सफदर नागौरी, अबू फैसल के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। मालूम हो कि सिमी की स्थापना 25 अप्रैल 1977 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में हुई थी।
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