केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को आगामी जनगणना की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृह सचिव, भारत के महापंजीयक और जनगणना आयुक्त (आरजीएंडसीसीआई) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान गृह मंत्री आगामी जनगणना की तैयारियों की समीक्षा की। बता दें कि, जनगणना कराने की आधिकारिक अधिसूचना 16 जून, 2025 को भारत के राजपत्र में प्रकाशित की जाएगी।
पहाड़ी क्षेत्रों में पहले, मैदानी इलाके में बाद होगी जनगणना
सरकारी बयान के अनुसार, भारत की 16वीं जनगणना जिसमें गणना वर्ष 2027 में आयोजित की जाएगी। इसमें जातियों की गणना भी की जाएगी। जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में 1 अक्तूबर 2026 की मध्यरात्रि को संदर्भ तिथि मानी जाएगी, जबकि शेष देश के लिए यह तिथि एक मार्च 2027 की मध्यरात्रि होगी।
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दो चरणों में होगी जनगणना
जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहले चरण (हाउसलिस्टिंग ऑपरेशन में प्रत्येक घर की आवासीय स्थिति, संपत्ति और सुविधाओं का विवरण एकत्र किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण (जनसंख्या गणना) में प्रत्येक घर के हर व्यक्ति की जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक, सांस्कृतिक और अन्य विवरण एकत्र किए जाएंगे।
जनगणना में कितने कर्मचारी होंगे शामिल
जनगणना में लगभग 34 लाख गणक और पर्यवेक्षक और 1.3 लाख जनगणना कार्यकर्ता तैनात किए जाएंगे। यह स्वतंत्रता के बाद की 8वीं और आरंभ से 16वीं जनगणना होगी। इस बार जनगणना डिजिटल माध्यम से मोबाइल एप्लिकेशन के जरिये की जाएगी। नागरिकों के लिए स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) की सुविधा भी उपलब्ध होगी। डाटा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संग्रह, संचरण और भंडारण के दौरान कड़े सुरक्षा उपाय किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि पिछली जनगणना वर्ष 2011 में हुई थी और यह जनगणना 16 वर्षों के अंतराल के बाद होगी।