केंद्रशासित प्रदेशों (यूटी) सहित कम से कम 22 राज्यों में कोविड-19 के पॉजिटिव मामलों की दर राष्ट्रीय औसत से कम है जो 8.19 फीसदी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
इन राज्यों में बिहार (2.61), गुजरात (3.30), झारखंड (3.82), उत्तर प्रदेश (3.92), हिमाचल प्रदेश (4.93), राजस्थान (5.11), मध्य प्रदेश (5.98), पंजाब (5.99), हरियाणा 6.65), ओडिशा (6.71), उत्तराखंड (7.13), जम्मू और कश्मीर (7.24), तेलंगाना (7.38) और पश्चिम बंगाल (8.15) शामिल हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि भारत विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की प्रति दिन प्रति 10 लाख जनसंख्या पर 140 परीक्षण कराने की सलाह को पूरा कर रहा है। देश में हर रोज 15 लाख से अधिक कोविड-19 नमूनों का परीक्षण कर रहा है।
देश में पिछले 24 घंटों में लगभग 12 लाख परीक्षण किए गए हैं। पिछले 24 घंटों में किए गए 11,94,321 परीक्षणों के साथ, संचयी परीक्षण 8.34 करोड़ (8,34,65,975) को पार कर चुके हैं।
उपलब्धियों की एक और कड़ी में, 35 राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों ने परीक्षण की सलाह दी गई संख्या को पार कर लिया है। हर 10 लाख लोगों पर प्रति दिन परीक्षण का राष्ट्रीय औसत 865 है।
पिछले 24 घंटों में देश में संक्रमण से स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 59,06,069 हो गई है।
देश में सक्रिय मामले लगातार 17वें दिन 10 लाख से कम हैं। वर्तमान में, 9,02,425 सक्रिय मामले में कुल पॉजिटिव मामलों का सिर्फ 13.20 फीसदी हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि ठीक होने वालों की अधिक संख्या ने राष्ट्रीय रिकवरी रेट को 85.25 फीसदी तक पहुंचाने में मदद की है।
फिलहाल देश में 8,93,592 लोगों का कोरोना वायरस का इलाज जारी है, जो कुल मामलों का 12.94 प्रतिशत है। कोविड-19 से मृत्यु दर 1.54 प्रतिशत है।
भारत में कोविड-19 के मामले सात अगस्त को 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख, पांच सितंबर को 40 लाख, 16 सितंबर को 50 लाख और 28 सितंबर को 60 लाख के पार चले गए थे। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार देश में आठ अक्तूबर तक कोविड-19 के 8,46,34,680 नमूनों की जांच की गई, जिनमें से 11,68,705 नमूनों की जांच गुरुवार को की गई।
आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में जिन 964 लोगों की मौत हुई, उनमें से सबसे अधिक 358 लोग महाराष्ट्र के थे। इनके अलावा कर्नाटक के 101, तमिलनाडु के 68, पश्चिम बंगाल के 63, उत्तर प्रदेश के 45, आंध्र प्रदेश के 42 और दिल्ली के 37 लोग थे।