केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने बुधवार को कहा कि पूर्वोत्तर और देश के अन्य हिस्सों के लोगों की बेहतर सेवा के लिए और अधिक सुपर स्पेशलिटी विभाग स्थापित किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले असम के लोगों को कैंसर के इलाज के लिए बाहर जाना पड़ता था, लेकिन अब यहीं पर इलाज मिल रहा है।
'पूर्वोत्तर में स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए केंद्र की मोदी सरकार प्रतिबद्ध है और हम इस दिशा में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। एलजीबीआरआईएमएच में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में जितने भी मांग हमारे सामने आए, हमने उसे स्वीकृत कर दिया है।' यह बात उन्होंने बुधवार को एलजीबीआरआईएमएच में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद कही।
बैठक में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और असम के स्वास्थ्य मंत्री अशोक सिंघल भी उपस्थित थे। इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री ने तेजपुर में एलजीबीआरआईएमएच संस्थान के नए पुस्तकालय और सूचना केंद्र का उद्घाटन किया। जिसमें लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई क्षेत्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान और मंगालदाई जिला सिविल अस्पताल की नींव रखी।
50-बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक
जेपी नड्डा
- फोटो : एक्स/जेपी नड्डा
जिला सिविल अस्पताल में 50-बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक की नींव रखी
नड्डा ने दारांग जिले के मंगालदाई जिला सिविल अस्पताल में अत्याधुनिक 50-बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक (सीसीबी) की नींव रखी। यह सीसीबी पीएम अभिम योजना के तहत 23.75 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता से निर्माण किया जाएगा, जो असम के लोगों के लिए उन्नत स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं तक पहुंच को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगा।
कैंसर अस्पताल और टाटा ट्रस्ट के कैंसर देखभाल परियोजना का निरीक्षण
दारांग के दौरे के दौरान नड्डा ने कैंसर अस्पताल में चल रहे इलाज का निरीक्षण किया और टाटा ट्रस्ट के तहत कैंसर देखभाल परियोजना का दौरा किया। उन्होंने कहा, पहले लोगों को कैंसर इलाज के लिए राज्य से बाहर जाना पड़ता था, लेकिन अब दारांग के लोग यहीं अपने घर में इलाज प्राप्त कर सकते हैं।
एम्स गुवाहाटी का दौरा और कार्यों की समीक्षा
देर शाम को नड्डा, मुख्यमंत्री हिमांता बिस्व सरमा के साथ, एम्स गुवाहाटी पहुंचे, जहां उन्होंने संस्थान में चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। नड्डा ने कैंपस में एक पौधा रोपा और संस्थान द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न गतिविधियों का निरीक्षण किया। इस दौरान एम्स गुवाहाटी के कार्यकारी निदेशक डॉ. अशोक पुराणिक और संस्थान के वरिष्ठ सदस्य उपस्थित थे।