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Mansukh Mandaviya: दावोस में बोले मंडाविया- वैश्विक खाद्य संकट में मदद के लिए भारत प्रतिबद्ध, बढ़ाएंगे खाद्यान उत्पादन

Thu, 26 May 2022 07:11 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दावोस

सार

उन्होंने दावोस में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की बैठक में कहा कि हालांकि इतनी बड़ी आबादी होने के कारण खाद्यान्न के लिए हमारी खुद की जरूरत बहुत अधिक है। फिर भी हम अपने उत्पादन को तेजी से बढ़ाएंगे।
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मनसुख मंडाविया - फोटो : ANI
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विस्तार
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रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते पूरा विश्व जब भयानक खाद्य संकट का सामना कर रहा है तब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने गुरुवार को वैश्विक खाद्य संकट से जूझ रहे देशों की मदद करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि भारत एक जिम्मेदार राष्ट्र है जो दुनिया के सभी देशों की हरसंभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि भारत में सरकार उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को नई तकनीक अपनाने में मदद कर रही है।

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विश्व आर्थिक मंच की बैठक में बोले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री 
उन्होंने दावोस में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की बैठक में कहा कि हालांकि इतनी बड़ी आबादी होने के कारण खाद्यान्न के लिए हमारी खुद की जरूरत बहुत अधिक है। फिर भी हम अपने उत्पादन को तेजी से बढ़ाएंगे। बैठक में मंडाविया ने कहा कि मेरा अनुरोध है कि सभी देश इसी तरह से आगे आएं। सभी जिम्मेदार देशों को खाद्य संकट से निपटने के लिए एक साथ आना चाहिए।

भारत के 'वसुधैव कुटुमंबकम' के दर्शन का भी दिया उदाहरण
यहां केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने उभरती प्रौद्योगिकियों के साथ खाद्य प्रणालियों को फिर से परिभाषित करने को लेकर आयोजित एक सत्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत एक जिम्मेदार देश है और हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दौरान उन्होंने भारत के 'वसुधैव कुटुमंबकम' के दर्शन का भी उदाहरण दिया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया को एक परिवार मानने के भारतीय दर्शन के मुताबिक कि भारत ने लॉकडाउन के दौरान भी बाकी दुनिया की दवाओं और टीकों के साथ अन्य मदद भी की है। 
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भारत में खेती में हो रहा नवाचार
सत्र में उन्होंने वैश्विक खाद्य प्रणालियों में लचीलापन बनाने में प्रौद्योगिकी और नवाचारों की भूमिका पर विस्तार से बताया। साथ ही कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की कई योजनाओं के बारे में भी चर्चा की। मनसुख मांडविया ने कहा कि भारत विशाल विविधता वाला एक बड़ा देश है। यहां की लगभग आधी आबादी खेती पर निर्भर है। हम कई पहल कर रहे हैं ताकि किसानों को सस्ती दरों पर उर्वरक मिले और साथ ही उन्हें मिट्टी के स्वास्थ्य आदि पर डिजिटल रूप से जानकारी मिले। 

उन्होंने कहा कि हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि किसानों के लिए फसल की लागत कम रहे और उनकी उत्पादकता में सुधार हो। हम किसानों को हर तरह की वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान कर रहे हैं। खेतों का आकार कम होने के बावजूद, भारत में उत्पादन बढ़ रहा है। सरकार उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को नई तकनीक अपनाने में मदद कर रही है।

हम पुतिन को यह युद्ध जीतने नहीं दे सकते हैं: जर्मन चांसलर
इस बीच जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज ने गुरुवार को कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को यूक्रेन में युद्ध जीतने नहीं दिया जा सकता। उन्होंने रूसी ईंधन पर किसी भी तरह की निर्भरता को समाप्त करने का भी आह्वान किया। स्विट्जरलैंड के दावोस शहर में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक 2022 के अंतिम दिन अपने विशेष संबोधन में शोल्ज ने कहा कि न केवल यूक्रेन की प्रतिष्ठा दांव पर है बल्कि एक ऐसी प्रणाली जो कानून के अधीन है, हिंसा पर प्रतिबंध लगाती है और स्वतंत्रता, सुरक्षा और समृद्धि की गारंटी देती है, वह भी दांव पर है।

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