केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कोच्चि के ब्रह्मपुरम अपशिष्ट शोधन संयंत्र में लगी आग पर सोमवार को केरल सरकार से रिपोर्ट मांगी। मंडाविया ने ट्वीट किया, राज्य सरकार से ब्रह्मपुरम अपशिष्ट डंपिंग यार्ड में आग लगने की घटना पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। इसके अलावा केंद्र सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों को सुनिश्चित करने के लिए राज्य का समर्थन करेगा।
आग लगने के बाद से बचाव अभियान जारी
बता दें कि, दो मार्च को अचानक डपिंग यार्ड में आग लग गई थी। जिसके बाद आग ने पूरे शहर को चपेट में ले लिया और चारों तरफ धुंए का गुबार फैल गया। घटना के बाद से मौके पर बचाव अभियान जारी हैं। एर्नाकुलम जिला प्रशासन के मुताबिक, मौके पर 200 अग्निशामक, 18 उत्खनन संचालक, 68 नागरिक सुरक्षा सदस्य, 55 नगर निगम अधिकारी, 48 होमगार्ड, नौसेना के पांच कर्मी, बीपीसीएल के दो, सीआईएएल के तीन और राजस्व विभाग के चार कर्मचारी लगातार बचाव अभियान में लगे हुए हैं। वहीं, एक मेडिकल टीम भी स्टैंडबाय पर है। इससे पहले एर्नाकुलम जिला प्रशासन और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने रविवार को न्यूयॉर्क अग्नि सुरक्षा विभाग के उप प्रमुख जॉर्ज हीली के साथ आग की स्थिति पर एक ऑनलाइन चर्चा की।
95 प्रतिशत धुंए पर काबू पाने का दावा
एर्नाकुलम जिला कलेक्टर ने रविवार को दावा किया, ब्रह्मपुरम आग से कम से कम 95 प्रतिशत धुएं को नियंत्रित कर लिया गया है। कलेक्टर ने बताया कि ज्वलनशील गैसों की वजह से सुदूर क्षेत्रों में अभी आग लग सकती है। इस स्थिति से निपटने के लिए एक विशेष कार्य योजना तैयार की जाएगी।
स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करे सरकार
केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने बुधवार को राज्य सरकार से कोच्चि में ब्रह्मपुरम अपशिष्ट संयंत्र के आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करने का आग्रह किया था। साथ ही उन्होंने दावा किया था कि कचरे के टीले की आग से जहरीले धुएं ने लोगों के लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा की हैं, उसके आसपास के लिए लोगों के लिए रहना मुश्किल हो गया है। सतीशन ने कहा कि क्षेत्र में तत्काल स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया जाना चाहिए और वहां वायु प्रदूषण के स्तर का परीक्षण करने के बाद पर्याप्त उपचार उपाय किए जाने चाहिए।