बीमारी अगर बढ़ जाए तो ये लक्षण नजर आते हैंः
-बिना किसी बात के भ्रम उत्पन्न होना।
-दिमाग संतुलित न रहना।
-पैरालाइज हो जाना।
-मांसपेशियों में कमजोरी
-बोलने और सुनने में समस्या
-बेहोशी आना।
श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसकेएमसीएच) के शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. गोपाल शंकर साहनी का कहना है कि इस तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक साल 2012 में इस बुखार से 120 बच्चों की मौत हुई थी।