कभी तेंदुआ या भालू तो कभी बाघ, वन्य जीवों के मानव आबादी के बीच आने से संघर्ष की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। ऐसे संघर्ष रोकने के लिए केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु मंत्री भूपेंद्र यादव ने मंगलवार को 14 गाइडलाइन जारी की। इनमें दस जीवों के लिए अलग से गाइडलाइन हैं। इनके जरिए वन्यजीवों के साथ मानव के सह-अस्तित्व पर जोर दिया गया है।
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मंत्रालय के अनुसार यह गाइडलाइन सुझावों की तरह हैं, यह क्षेत्र विशेष के अनुरूप मददगार बनेंगी। इसे भारत व जर्मनी के सहयोग परियोजना के तहत बनाया गया है।
इन वन्यजीवों के मामले में अलग गाइडलाइन : हाथी, गौर, तेंदुआ, सांप, मगरमच्छ, रेसस मकैक बंदर, जंगली शूकर, भालू, ब्लू-बुल, काले हिरन।
चार अन्य निर्देश
वन विभाग और भारतीय प्रेस व मीडिया के बीच सहयोग, ताकि वन्यजीव व मानव संघर्ष के दौरान बेहतर संवाद हो
संघर्ष होने पर इसमें शामिल लोगों के स्वास्थ्य व सुरक्षा का ध्यान रखना
मानव-वन्यजीव संघर्ष के समय लोगों की भीड़ पर नियंत्रण व प्रबंधन
स्वास्थ्य संबंधित आपदा व स्वास्थ्य पर पैदा हुए खतरों का समाधान