जिन 36 नए चेहरों को मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया है उनमें उत्तर प्रदेश से सर्वाधिक सात चेहरों को जगह दी गई। उत्तर प्रदेश के बाद सबसे अधिक प्रतिनिधित्व पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और महाराष्ट्र को मिला है। इन राज्यों से चार-चार सांसदों को मंत्रिपरिषद में जगह दी गई है। गुजरात से तीन, मध्य प्रदेश, बिहार और ओडिशा से दो-दो नेताओं को मंत्री बनाया गया है जबकि उत्तराखंड, झारखंड, त्रिपुरा, नई दिल्ली, असम, राजस्थान, मणिपुर ओर तमिलनाडु से एक-एक नेता को में जगह मिली है। केंद्रीय मंत्रिपरिषद में बुधवार को हुए फेरबदल व विस्तार में भाजपा महासचिव भूपेंद्र यादव और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अन्नपूर्णा देवी सहित संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल रहे पांच नेताओं को मंत्री बनाया गया है। यादव को केंद्रीय श्रम एवं रोजगार के अलावा वन एवं पर्यावरण मंत्री भी बनाया गया है।
अन्नपूर्णा देवी को शिक्षा राज्यमंत्री बनाया गया है। इन दोनों नेताओं के अलावा पार्टी के राष्ट्रीय सचिव विश्वेश्वर टुडु, राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव चंद्रशेखर और तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष एल मुरुगन को केंद्रीय मंत्रिपरिषद में शामिल किया है। टुडु को जनजातीय कार्य मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय में राज्यमंत्री की नई जिम्मेदारी मिली है, वहीं चंद्रशेखर को इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ ही कौशल विकास मंत्रालय में राज्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुरुगन को मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी के साथ ही सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में राज्यमंत्री बनाया गया है। हालांकि, उनके साथ एक समस्या है और वह यह कि फिलहाल वह किसी सदन के सदस्य भी नहीं हैं, ऐसे में मंत्री पद पर बने रहने के लिए छह महीने के भीतर उनका किसी सदन में निर्वाचित होना जरूरी है।