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कैबिनेट के बड़े फैसले: FCI को मिलेंगे ₹10,700 करोड़; PM विद्यालक्ष्मी योजना के तहत मेधावी छात्रों को सस्ते लोन

Wed, 06 Nov 2024 03:27 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में आज कई अहम फैसले लिए गए। मेधावी बच्चों की पढ़ाई में कोई अड़चन न आए, इस मकसद से सरकार ने पीएम विद्यालक्ष्मी योजना को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने केंद्र सरकार के फैसलों की जानकारी दी।
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केंद्रीय कैबिनेट ने कई बड़े फैसले लिए - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्र सरकार ने पीएम विद्यालक्ष्मी योजना को मंजूरी दी है। इस योजना का मकसद है कि मेधावी छात्रों की पढ़ाई में अड़चन न आए। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पीएम विद्यालक्ष्मी योजना का लाभ एजुकेशन लोन में मिलेगा। उन्होंने बताया कि जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई के लिए बैंकों से 10 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण सस्ती दरों पर लिया जा सकेगा। वैष्णव ने बताया कि मेधावी बच्चे बैंकों से लोन उच्च शिक्षण संस्थानों से पढ़ाई के लिए लोन ले सकेंगे। इस योजना के प्रभाव से अब पैसे की कमी के कारण बच्चों की उच्च शिक्षा में कोई अड़चन नहीं आएगी।
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बैंकों और वित्तीय संस्थानों से लोन लेना आसान बनेगा
शिक्षा ऋण गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा संस्थान (QHEI) में प्रवेश लेने वाले छात्रों के पाठ्यक्रम से संबंधित ट्यूशन फीस और अन्य खर्चों की पूरी राशि को कवर करेगा। वैष्णव ने बताया कि बैंकों और वित्तीय संस्थानों से समर्थन-मुक्त (Collateral Free), गारंटर-मुक्त (Guarantor) ऋण लिया जा सकेगा।
क्या है पीएम विद्यालक्ष्मी योजना?
वैष्णव ने बताया कि ऐसे परिवार जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 8 लाख रुपये है। इन परिवारों के छात्रों की पढ़ाई के लिए पीएम विद्यालक्ष्मी योजना के तहत 10 लाख रुपये तक के ऋण पर 3% ब्याज अनुदान मिलेगा। 7.5 लाख रुपये तक के ऋण पर भारत सरकार 75% क्रेडिट गारंटी देगी। उन्होंने कहा कि मिशन मोड तंत्र शिक्षा के विस्तार को सुगम बनाएगा।
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एफसीआई को 10,700 करोड़ रुपये की नई इक्विटी पूंजी देने का फैसला

कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते अश्विनी वैष्णव - फोटो : पीआईबी
मेधावी बच्चों की पढ़ाई के अलावा कैबिनेट ने कई और अहम फैसले लिए हैं। वैष्णव ने बताया कि खाद्यान्न की खरीद में एफसीआई की बहुत बड़ी भूमिका होती है। आज भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को मजबूत करने का निर्णय भी लिया गया। कैबिनेट ने एफसीआई को 10,700 करोड़ रुपये की नई इक्विटी पूंजी देने का निर्णय लिया है। पीएम मोदी ने फैसले का मकसद बताया
कैबिनेट में पीएम-विद्यालक्ष्मी योजना पर फैसले को प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षा को और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि शिक्षा को और अधिक सुलभ बनाने के लिए सरकार ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर युवाओं का समर्थन करने के लिए पीएम-विद्यालक्ष्मी योजना को मंजूरी दी है। यह युवा शक्ति को सशक्त बनाने और हमारे राष्ट्र के लिए एक उज्ज्वल भविष्य के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) में वित्तीय वर्ष 2024-25 में कार्यशील पूंजी के लिए 10,700 करोड़ रुपये की इक्विटी डालने को मंजूरी दिए जाने पर उन्होंने कहा कि इससे इसकी क्षमता बढ़ेगी और यह किसानों के लिए बेहतर समर्थन भी सुनिश्चित करेगा।

गृह मंत्री शाह बोले- युवाओं का भविष्य और किसान कल्याण सरकार की प्राथमिकता
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कैबिनेट के फैसलों पर कहा, पीएम-विद्यालक्ष्मी योजना को मंजूरी दिए जाने पर हमारे युवाओं को बधाई। इससे उनकी सफलता की राह में आने वाली एक बड़ी बाधा दूर हो गई है। गारंटी मुक्त और जमानत मुक्त शिक्षा ऋण योजना की कल्पना कर पीएम मोदी ने यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी छात्र अपनी आर्थिक स्थिति के कारण अपनी शिक्षा से वंचित न रहे। युवाओं को हमारे देश के भविष्य के अग्रदूत के रूप में विकसित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के ऐतिहासिक निर्णय के लिए मैं पीएम मोदी का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं।

किसानों को लगातार सशक्त बना रही सरकार
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा कि मोदी सरकार किसान हितैषी नीतियों से किसानों को लगातार सशक्त बना रही है। कैबिनेट ने भारतीय खाद्य निगम के लिए 10,700 करोड़ रुपये की इक्विटी वृद्धि को मंजूरी दी है। इससे एफसीआई अनाज की खरीद और भंडारण में और अधिक सक्षम होगा। इससे किसानों को उनकी उपज बेचने के बेहतर अवसर मिलेंगे। अनाजों के वितरण व कीमतों में स्थिरता लाकर खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।
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