वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए कहा कि यह अमृतकाल का पहला बजट है। उम्मीद है कि इससे पिछले बजट के दौरान रखी गई नींव को मजबूत करने में मदद मिलेगी। हम ऐसे समग्र और खुशहाल भारत का दृष्टिकोण रखते हैं, जिसमें विकास का फायदा सभी वर्गों तक पहुंचे। उन्होंने कहा, वर्तमान वर्ष के लिए हमारी अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7% रहने का अनुमान है, यह विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक है। भारतीय अर्थव्यवस्था सही रास्ते पर है और उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ रही है।
वित्तमंत्री ने कहा, कृषि से जुड़े स्टार्ट अप को प्राथमिकता दी जाएगी। युवा उद्यमियों द्वारा कृषि-स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए कृषि त्वरक कोष की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा बजट में किसान सम्मान निधि के तहत 2.2 लाख करोड़ दिए गए। वहीं कृष ऋण का लक्ष्य बढ़ाकर 20 लाख करोड़ किया गया। वित्तमंत्री ने कहा, मत्स्य संपदा की नई उपयोजना में 6000 करोड़ का निवेश किया जाएगा।
2.40 लाख करोड़ का पूंजीगत प्रावधान रेलवे के लिए किया गया है। यह अब तक का सबसे बड़ा आवंटन है। यह 2013-14 में दिए गए आवंटन से नौ गुना ज्यादा है। खाद्यान्न और बंदरगाहों को जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया गया है। 50 अतिरिक्त एयरपोर्ट, हेलिपैड, वाटर एयरोड्रोम का नवीनीकरण किया जाएगा ताकि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा दिया जा सके।
ग्रीन ग्रोथ के तहत वित्तमंत्री ने बजट भाषण के दौरान कहा कि पर्यावरण की दृष्टि ये जीवनशैली बदलने का लक्ष्य है। 2070 तक हमें कार्बन उत्सर्जन घटाना है। हाल ही में राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन किया गया है। इससे अर्थव्यवस्था को लो-कार्बन में तब्दील करने में मदद मिलेगी। ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम शुरुआत की जाएगी। कंपनियां और शहरी निकायों को इससे बढ़ावा मिलेगा। अगले तीन साल में हम एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक तरीकों से खेती करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। 10 हजार बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर बनाए जाएंगे।
वित्तमंत्री के बजट भाषण में आगामी विधानसभा व लोकसभा चुनाव का भी ध्यान रखा गया। बजट में पीएम आवास योजना के लिए आवंटन को 66% बढ़ाकर 79,000 करोड़ किया गया। पिछले बजट में यह 48,000 करोड़ रुपये था।
वित्तमंत्री ने कहा, केवाईसी प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा। सभी सरकारी एजेंसियों में डिजिटल सिस्टम के लिए PAN को सामान्य आईडेंटिटी के रूप में मान्यता मिलेगी। इससे व्यापार में काफी आसानी होगी।
बजट की घोषणाओं के मुताबिक, कैमरा लेंस, मोबाइल फोन, टीवी उत्पाद व इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी सस्ती होंगी। वहीं सिगरेट, सोना-चांदी और हीरे से जुड़े उत्पाद महंगे होंगे।
बजट की सबसे बड़ी घोषणाओं मुताबिक, टैक्स स्लैब में बड़ा बदलाव किया गया है। अब सात लाख रुपये तक की आमदनी पर कोई टैक्स नहीं देना होगा।