छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि बजट काफी निराशाजनक था। सरकारी बैंक, बंदरगाह, बीमा कंपनी, गोदामों को सरकार निजी कंपनियों के हाथ में बेचने की तैयारी में है। किसान, बेरोजगार, नौकरीपेशा और मध्यमवर्ग के लिए कुछ नहीं है। पेट्रोल और डीजल में सेस लगेगा तो कृषि में बोझ बढ़ेगा।
केरल के सीएम पिनाराई विजयन ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के निजीकरण और बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए बजट का प्रस्ताव बताता है कि सरकार सभी क्षेत्रों से पीछे हट जाएगी, देश को पूरी तरह से उद्योगपतियों के हाथ में दे देगी।
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि यह बजट सभी वर्गों, बुजुर्गों, युवाओं, महिलाओं, संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के मजदूरों, छोटे बड़े उद्योगों की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने वाला बजट है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि आम बजट में निजीकरण को बढ़ावा देने के अलावा कुछ भी नहीं है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बजट को सर्वस्पर्शी बजट बताया है। उन्होंने कहा, 'कोरोना महामारी में इस वर्ष का बजट बनाना निश्चित रूप से एक जटिल काम था। परंतु नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में निर्मला सीतारमण जी ने एक सर्वस्पर्शी बजट पेश किया है। यह आत्मनिर्भर भारत, 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था, किसानों की आय दो गुना करने के संकल्प का मार्ग प्रशस्त करेगा। कोरोना महामारी के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था रिसेटिंग मोड में है, मुझे विश्वास है कि यह बजट भारत को इस अवसर का इस्तेमाल करके वैश्विक परिदर्श्य में मजबूती से उभरने में सहायक होगा और भारत दुनिया की सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनेगा।'
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बजट के लिए पीएम मोदी और वित्त मंत्री को धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा, 'इंफ्रास्ट्रक्चर, चिकित्सा, शिक्षा सहित समस्त क्षेत्रों के विकास को ध्यान में रखकर तैयार किए गए आत्मनिर्भर भारत के बजट के लिए मैं पीएम श्री नरेंद्र मोदी और वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को हृदय से धन्यवाद देता हूं। यह बजट नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा। पिछले वर्ष सारे विश्व ने कोविड-19 के रूप में एक नई चुनौती का सामना किया। भारत में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में न सिर्फ इस चुनौती का डटकर मुकाबला किया गया, बल्कि दुनिया के अनेक देशों को मदद भी पहुंचाई गई।'
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सोमवार को कहा कि कोविड-19 महामारी और राजस्व संग्रहण में दिक्कतों के बावजूद केंद्र सरकार द्वारा संतुलित बजट पेश किया गया, यह स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा, 'मैं एक संतुलित बजट प्रस्तुत करने के लिये केंद्र सरकार को बधाई देता हूं।'
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बजट में आधारभूत संरचना पर जोर दिया गया है। बजट से अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। काफी मुश्किल समय में यह बजट पेश किया गया है। हमारा मुख्य फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर और हेल्थ सेक्टर पर था। बजट में इस बार कुल 37 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। जो कृषि सेस लगया गया है उससे आम लोगों पर कम भार पड़ेगा।
नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा, 'मेरी राय में, वित्त मंत्री ने आम बजट को लेकर बहुत सारी उम्मीदें जताई थीं और उन्होंने उन सभी को पूरा भी किया है। वर्तमान समय को देखते हुए, बजट भारत की वृद्धि पर केंद्रित है और विकास दर में तेजी लाने के लिए अनुकूल है।'
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बजट को लेकर कहा, 'यह बजट 'आत्मनिर्भर भारत' के लिए है, इससे अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।'
केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर कृषि सेस लगाया गया है। डीजल पर चार और पेट्रोल पर ढाई रुपये का सेस लगाया गया है। हालांकि, कहा जा रहा है कि ये सेस कंपनियों को देना होगा और आम लोगों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
कॉपर और स्टील में ड्यूटी को घटाया गया है। सोने-चांदी की कस्टम ड्यूटी को घटाया गया। विदेश से कपड़ों का इंपोर्ट महंगा होंगे। कॉटन पर 10 प्रतिशत ड्यूटी बढ़ी। कुछ लेदर उत्पाद कस्टम ड्यूटी से बाहर।
इनकम टैक्स के सेक्शन 80EA के तहत अब छूट को 31 मार्च, 2022 तक लिए गए लोन पर लागू किया जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक सामान महंगा होगा, मोबाइल और उसके चार्जर महंगे होंगे। स्टील और लोहे उत्पाद सस्ते होंगे। मोबाइल उपकरण पर कस्टम ड्यूटी का 2.5 प्रतिशत लगेगा।
टैक्स पेयर पर बोझ डालने का वक्त नहीं। टैक्स सिस्टम पारदर्शी रखने का वक्त है। आम करदाता को टैक्स में कोई नई छूट नहीं। जीएसटी अब चार साल पुरानी हो गई है। जीएसटीएन सिस्टम की क्षमता भी बढ़ाई गई है। फेक बिलर्स की पहचान हो रही है। पिछले कुछ महीनों में रेकॉर्ड जीएसटी कलेक्शन हुआ है। टैक्स ऑडिट की लिमिट 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ करने का प्रस्ताव। इस तरह सरकार ने टैक्सेशन सिस्टम की जटिलता को खत्म करने का प्रयास किया।
एक साल तक के लिए बढ़ी डेढ़ लाख रुपये तक की छूट। जिसकी घोषणा साल 2019 में की गई थी। अफोर्डेबल हाउसिंग उपलब्ध करवाने वालों को भी यह सुविधा दी जाएगी। मैं वर्तमान 6 वर्षों से आकलन (कर निर्धारण) को 3 साल के लिए फिर से खोलने की समय सीमा को कम करने का प्रस्ताव करती हूं।
विवादों को खत्म करने के लिए समिति का गठन होगा फेसलेस समिति बनाई जाएगी। 75 साल से ज्यादा वरिष्ठ नागरिकों को आईटीआर भरने की आवश्यकता नहीं होगी। 75 साल के ऊपर के पेंशनधारियों को टैक्स में छूट। एनआरआई को छूट। विदेशी रिटायरमेंट अकाउंट के सरलीकरण के लिए नियम बनाए जाएंगे। एक करोड़ से ज्यादा ऑडिट से छूट मिलेगी। जिन एनआरआई लोगों को टैक्स भरने में काफी मुश्किलें होती थीं उन्हें इस बार डबल टैक्स सिस्टम से छूट दी जा रही है।
देश में डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 1,500 करोड़ रुपये का आवंटन किया। यह रकम डिजिटल पेमेंट के इंसेंटिव के तौर पर खर्च होगी। गोवा डायमंड जुबली सेलिब्रेशन मना रहा है। हम 300 करोड़ रुपए इसके लिए देंगे। 1000 करोड़ रुपए असम और पश्चिम बंगाल में टी वर्कर के लिए दिए जाएंगे।
न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड इस बार पीएसएलवी-सीएस51 को लॉन्च करेगा। गगनयान मिशन का मानव रहित पहला लॉन्च इसी साल दिसंबर में होगा।
वित्तीय घाटा 6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इसके लिए सरकार को 80 हजार करोड़ की जरूरत होगी, जो अगले दो महीनों में बाजार से लिया जाएगा। इमरजेंसी फंड 30,000 करोड़ रुपये। वित्तीय वर्ष में खर्च का लक्ष्य 34.5 लाख करोड़ रखा गया है।
अगली जनगणना की प्रक्रिया डिजिटल होगी। इसके लिए सरकार 3760 करोड़ रुपये देगी। चाय बगान श्रमिकों को एक हजार करोड़ रुपये।
नेशनल एजुकेशन पॉलिसी को तहे दिल से स्वीकार किया गया है। 100 नए सैनिक स्कूल बनेंगे। इसके लिए प्राइवेट सेक्टर की मदद ली जाएगी। हायर एजुकेशन कमीशन बनेगा। इसके लिए कानून में संशोधन किया जाएगा। अनुसूचित जाति के 4 करोड़ विद्यार्थियों के लिए 35 हजार करोड़ रुपये का एलान। संयुक्त अरब अमीरात के साथ मिलकर स्किल ट्रेनिंग पर काम। भारत और जापान मिलकर भी एक प्रोजेक्ट को चला रहे। लेह में केंद्रीय यूनिवर्सिटी बनाए जाने का एलान। आदिवासी स्कूलों में एकलव्य स्कूल खोले जाएंगे।
प्रवासी मजदूरों के लिए देशभर में एक देश-एक राशन योजना शुरू। एक पोर्टल की शुरुआत की जाएगी, जिसमें प्रवासी मजदूरों से जुड़ा डाटा होगा।
उत्पादन आधारित योजना (पीएलआई) पर इस वित्त वर्ष से शुरू अगले पांच साल में 1.97 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
देश में गेहूं उगाने वाले किसानों की संख्या दोगुनी हुई है। किसानों के लिए बजट में बड़ा एलान। लागत से डेढ़ गुना ज्यादा देने का प्रयास। किसानों को 75 हजार करोड़ से ज्यादा दिए। किसानों की आया दोगुना करने का लक्ष्य। यूपीए सरकार से करीब तीन गुना राशि मोदी सरकार ने किसानों के खातों में पहुंचाई। मोदी सरकार की ओर से हर सेक्टर में किसानों को मदद। दाल, गेंहू, धान समेत अन्य फसलों की एमएसपी बढ़ाई।
अगले साल कई पीएसयू का विनिवेश होगा। विनिवेश के लिए कानून में संशोधन होगा। विनिवेश की प्रक्रिया में तेजी आएगी। कुछ सरकारी कंपनियों को बंद करने के लिए सरकार नीति बनाने जा रही है ताकि इन्हें समय रहते बंद किया जा सके। वित्त मंत्री ने नए फाइनेंशियल ईयर में एलआईसी का आईपीओ लाने का एलान किया।
अब इंश्योरेंस क्षेत्र में 74 फीसदी तक एफडीआई। पहले यहां पर सिर्फ 49 फीसदी तक की ही इजाजत थी। इसके अलावा निवेशकों के लिए चार्टर बनाने का एलान।
जम्मू-कश्मीर में भी गैस पाइपलाइन योजना की शुरुआत होगी। उज्ज्वला योजना के तहत एक करोड़ और लाभार्थियों को जोड़ा जाएगा। अभी तक 8 करोड़ लोगों को ये मदद दी गई। 100 नए शहर सिटी गैस वितरण में जोड़े जाएंगे।
बिजली क्षेत्र के लिए भी एलान। सरकार की ओर से 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक लागत की स्कीम लॉन्च। बिजली से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर जोर। सरकार की ओर से हाइड्रोजन प्लांट बनाने का भी एलान। बिजली क्षेत्र में पीपीपी मॉडल के तहत होंगे कई प्रोजेक्ट को पूरे।
वॉलेंट्री स्क्रैप पॉलिसी जल्द होगी लॉन्च। पुराने वाहनों के लिए आएगी स्क्रैप पॉलिसी। हर वाहन के लिए लेना होगा फिटनेस सर्टिफिकेट।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से बजट भाषण में बताया गया कि देश में 7 टेक्स्टाइल पार्क बनाए जाएंगे, ताकि इस क्षेत्र में भारत एक्सपोर्ट करने वाला देश बने।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि राष्ट्रीय रेल योजना 2030 तैयार की जाएगी। मेट्रो रेल का 702 किमी पहले से ही परिचालन। 1,016 किमी में पर काम चल रहा है। यात्रियो की सुविधा के लिए विस्टाडोम कोच की शुरूआत। कुल 1.10 लाख करोड़ रुपये का बजट रेलवे को। भारतीय रेलवे के अलावा मेट्रो, सिटी बस बस सेवा को बढ़ाने पर फोकस करेग। 18 हजार करोड़ रुपये की लागत लगाई जाएगी। कोच्चि, बंगलूरू, चेन्नई, नागपुर, नासिक में मेट्रो प्रोजेक्ट को बढ़ावा।
स्वच्छ हवा के सरकार मिलियन-प्लस आबादी वाले 42 शहरी केंद्रों पर 2,217 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम और केरल में मेगा-राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की घोषणा की गई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि तमिलनाडु में नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट 1.03 लाख करोड़ का होगा। इसी में इकॉनोमिक कॉरिडोर बनाए जाएंगे। मुंबई- कन्याकुमारी इकॉनोमिक कॉरोडिर का एलान। केरल में भी 65 हजार करोड़ रुपये के नेशनल हाइवे बनाए जाएंगे। पश्चिम बंगाल में भी कोलकाता-सिलीगुड़ी के लिए भी नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट का एलान। वित्त मंत्री ने असम में अगले तीन साल में हाइवे और इकॉनोमिक कॉरिडोर का एलान किया। अगले साल तैयार होंगे 8,500 किलोमीटर के रोड प्रोजेक्ट।
रेलवे, एनएचएआई, एयरपोर्ट अथॉरिटी के पास अब कई प्रोजेक्ट को अपने लेवल पर पास करने की ताकत होगी। वित्त मंत्री ने पूजीगंत व्यय के लिए 5 लाख करोड़ से अधिक के बजट का ऐलान किया। ये एलान पिछले बजट से 30 फीसदी अधिक है। इससे अतिरिक्त राज्य और स्वतंत्र बॉडी को दो लाख करोड़ रुपये भी दिए जाएंगे।
भारत में अब प्रति मिलियन जनसंख्या में सबसे कम सक्रिय मामले और कोविड-19 मृत्यु दर है। इसने आज हमारे द्वारा देखे जाने वाले आर्थिक पुनरुत्थान की नींव रखी है। बजट 2021-22 के लिए छः स्तंभों का दिया है- स्वास्थ्य और कल्याण, भौतिक और वित्तीय पूंजी और बुनियादी ढांचा, आकांक्षात्मक भारत के लिए समावेशी विकास, मानव पूंजी, नवप्रवर्तन और अनुसंधान और विकास, न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन को सुदृढ़ बनाना।
प्रोडक्शन लिंक्ड इनसेंटिव स्कीम- 5 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनने के लिए मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस जरूरी है। ग्लोबल सप्लाई चेन में शामिल करना हमारा लक्ष्य है जिससे ग्लोबल चैंपियन बन सकें। सरकार ने इसके लिए 1.5 लाख करोड़ रुपए का एलान किया था।
कोविड वैक्सीन के लिए 35,000 करोड़। नई बीमारियों पर फोकस होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना का एलान किया। सरकार की ओर से इसके लिए 64180 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसी के साथ सरकार की ओर से स्थानीय मिशन को भारत में लॉन्च किया जाएगा। 64180 करोड़ नई स्वास्थ्य योजनाओं पर खर्च होंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्वच्छ भारत मिशन को आगे बढ़ाने का एलान किया। जिसके तहत शहरों में अमृत योजना को आगे बढ़ाया जाएगा, इसके लिए 2,87,000 करोड़ रुपये जारी किए गए।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्वच्छ भारत मिशन को आगे बढ़ाने का एलान किया जिसके तहत शहरों में अमृत योजना को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके लिए 2,87,000 करोड़ रुपये जारी किए गए। वस्त्र उद्योग में बड़ा निवेश करने के लिए मेगा टेक्सटाइल योजना शुरू की जाएगी। जिससे निर्यात के लिए ग्लोबल चेन तैयार की जाएगी। वित्त मंत्री ने आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना का ऐलान किया। सरकार की ओर से 64180 करोड़ रुपये इसके लिए दिए गए हैं। इसी के साथ सरकार की ओर से स्थानीय मिशन को भारत में लॉन्च किया जाएगा।
स्क्रैपिंग पॉलिसी की घोषणा की गई। पब्लिक हेल्थ की जानकारी के लिए वेबसाइट बनाई जाएगी। आत्मनिर्भर भारत 130 करोड़ लोगों की आकांक्षा है। इंटरनेशनल सोलर अलायंस में हम साथ हैं। हम नेशन फर्स्ट, किसानों की आमदनी दोगुनी करने, गुड गवर्नेंस, सबके लिए शिक्षा, महिला सशक्तिकरण पर फोकस करेंगे। शहरी स्वच्छ भारत 2.0 की शुरुआत। मिशन पोषण 2. 0 की होगी शुरूआत।
जल जीवन मिशन की शुरूआत होगी। वायु प्रदूषण को रोकने के लिए प्रस्ताव। पीएम मोदी ने गरीब तबकों के लिए खजाना खोले रखा। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना, आत्मनिर्भर योजना मिनी बजट की तरह ही है। आत्मनिर्भर पैकेज ने रिफॉर्म को आगे बढ़ाया। वन नेशन, वन राशन कार्ड, प्रोडक्शन लिंक्ड इनसेंटिव, फेसलेस इनकम टैक्स असेसमेंट जैसे सुधार आगे बढ़ाए गए।
मुश्किल के इस वक्त में भी मोदी सरकार का फोकस किसानों की आय दोगुनी करने, विकास की रफ्तार को बढ़ाने और आम लोगों को सहायता पहुंचाने पर है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस बार का बजट डिजिटल बजट है। ये ऐसे वक्त में आ रहा है जब देश की जीडीपी लगातार दो बार माइनस में गई है लेकिन ये ग्लोबल इकोनमी के साथ ऐसा ही हुआ है। साल 2021 ऐतिहासिक साल होने जा रहा है।
निर्मला सीतारमण ने कहा कि मोदी सरकार की ओर से आत्मनिर्भर भारत पैकेज कई योजनाओं को कोरोना काल में देश के सामने लाया गया ताकि अर्थव्यवस्था की रफ्तार को आगे बढ़ाया जा सके। मैं उस खुशी को जाहिर करना चाहती हूं जो भारतीय युवा टीम ने हमें दी। भारत में प्रति मिलियन पर 112 की न्यूनतम मृत्यु दर है। आत्मनिर्भर भारत पैकेज में कुल 27.1 लाख करोड़ रुपये की मदद जारी की गई! ये सभी पांच मिनी बजट के समान थी।
भारत के पास कोविड की दो वैक्सीन उपलब्ध है। सौ और उससे अधिक देशों को उसकी सुविधा मुहैया कराई गई है। प्रधानमंत्री ने हमारे वैज्ञानिकों को इसके लिए धन्यवाद दिया और इस अभियान की शुरूआत की। आत्मनिर्भर पैकेज से ढांचागत सुधारों को गति मिली। कोरोना काल में पांच मिनी बजट पेश किए गए। आठ करोड़ लोगों क मुफ्त गैस, 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज दिया गया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट भाषण दे रही हैं। उन्होंने कहा कि मुश्किल हालात में बजट पेश हो रहा है। बजट कोरोना काल में तैयार किया गया।
संसद की कार्यवाही शुरू हो गई है। कुछ ही देर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश का आम बजट पेश करेंगी
कांग्रेस सांसद जसबीर सिंह गिल और गुरजीत सिंह औजला काले रंग का गाउन पहनकर संसद भवन पहुंचे हैं। दोनों ने केंद्र सरकार के कृषि कानून के खिलाफ अफना विरोध जताने के लिए इसे पहना है।
ऑटो सेक्टर जीएसटी में कटौती की मांग कर रहा है। कोरोना के बाद लोगों ने पर्सनल व्हीकल को रखना शुरू किया है। जिसके चलते पहली बार गाड़ी खरीदने वालों की संख्या में काफी तेजी आई है। वर्तमान में व्हीकल पर लगभग 28 फीसदी का जीएसटी लगता है। ऑटो इंडस्ट्री की मांग है कि अगर इसे घटाकर 18 फीसदी कर दिया जाता है तो मांग में जबरदस्त तेजी आएगी।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला संसद भवन पहुंच गए हैं। थोड़ी देर में देश का आम बजट पेश किया जाएगा।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने देश के आम बजट से अपनी उम्मीदों को लेकर ट्वीट किया है। सोमवार को उन्होंने कहा, 'बजट 2021 में ये चीजें जरूर होनी चाहिए- रोजगार पैदा करने के लिए एमएसएमईएस, किसानों और श्रमिकों का समर्थन, जान बचाने के लिए हेल्थकेयर खर्च बढ़ाएं और सीमाओं की सुरक्षा के लिए रक्षा खर्च बढ़ाएं।'
टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के बिक्री और सेवा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नवीन सोनी ने कहा, महामारी के एक साल में हमें महत्वपूर्ण सीख मिली है। स्थानीयकरण और डिजिटलाइजेशन पर अधिक ध्यान देने से पूरा ऑटो सेक्टर मजबूत हुआ है। हमें उम्मीद है कि 2021 में अर्थव्यवस्था वी-आकार की रिकवरी करेगा, जिससे उद्योग को वापस पटरी पर आने में मदद मिलेगी।
भाजपा सांसद हेमा मालिनी संसद भवन पहुंच गई हैं। आज देश का आम बजट पेश किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद भवन पहुंच गए हैं।
संसद भवन में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक शुरू हो गई है। वित्त मंत्री सीतारमण आज 11 बजे देश का आम बजट पेश करेंगी।
रियल्टी कंपनियों के संगठन क्रेडाई ने घर की बिक्री बढ़ाने के लिए सरकार से आगामी बजट में कर छूट का दायरा बढ़ाने की मांग की है। इसके साथ ही संगठन ने सुझाव दिया कि आवास ऋण के भुगतान पर आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत मिलने वाली कर छूट की सीमा भी बढ़ाई जानी चाहिए।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन संसद भवन पहुंच गए हैं। थोड़ी देर में मोदी कैबिनेट की बैठक होगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर संसद भवन पहुंच गए हैं। थोड़ी देर में मोदी कैबिनेट की बैठक होगी।
कांग्रेस ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए बजट पेश होने से पहले सोमवार को कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के लिए 'सोच और क्रियान्वयन की गतिहीनता' से बाहर निकलकर लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने और सार्थक परिणाम देने की चुनौती है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, 'क्या 'अधिकतम नारा, न्यूनतम काम' वाली सरकार बजट-2021 को लेकर भारत की उम्मीदों पर खरा उतर पाएगी? वित्त मंत्री के लिए 'सोच और क्रियान्वयन की गतिहीनता' से बाहर निकलकर लोगों को सार्थक परिणाम देने की चुनौती है।'
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर और वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के साथ राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की। आज 11 बजे संसद में देश का आम बजट पेश किया जाएगा।
कोविड 19 के चलते ऑटो सेक्टर को काफी नुकसान हुआ। ऐसे में आगामी बजट से ऑटो सेक्टर को काफी उम्मीदें हैं। सरकारों के इलेक्ट्रिक वाहनों पर फोकस को बढ़ता देख इसमें राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही हैं। ऐसे में अगर जीएसटी की दरें कम की जाती है तो इससे गाड़ियों के दाम कम होंगे। ऐसे में लोग कम कीमत पर इलेक्ट्रॉनिक गाड़ियां खरीद सकेंगे।
बजट पेश होने से पहले सोमवार को शेयर बाजारों में रौनक रही। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स लगभग 400 अंक की बढ़त के साथ 46,617.95 अंक पर खुला, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 13,758.60 अंक पर रहा।
सूत्रों के अनुसार कृषि कर्ज प्रवाह में साल-दर-साल वृद्धि हुई है। जो भी लक्ष्य रखे गए, ऋण वितरण उससे अधिक ही रहा है। उदाहरण के लिए 2017-18 में किसानों को 11.68 करोड़ रुपये का कर्ज दिया गया जबकि लक्ष्य 10 लाख करोड़ रुपये का ही था।
सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के मकसद को ध्यान में रखते हुए कृषि ऋण का लक्ष्य 2021-22 के बजट में बढ़ाकर करीब 19 लाख करोड़ रुपये कर सकती है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। चालू वित्त वर्ष के लिए सरकार ने कृषि ऋण का लक्ष्य 15 लाख करोड़ रुपये रखा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश भर में फसलों की एमएसपी पर खरीद जारी रहेगी। हमारी सरकार ने एमएसपी को डेढ़ गुना तक बढ़ाने का काम किया।
आईएमएफ ने 2021 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 11.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। कोरोना वायरस महामारी के बीच बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भारत एकमात्र देश है जिसकी आर्थिक वृद्धि दर इस साल दहाई अंक में होगी। आईएमएफ द्वारा जारी विश्व आर्थिक परिदृश्य में वृद्धि का अनुमान जताया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में पारंपरिक 'बही खाते' की बजाय मेड इन इंडिय टैबलेट के माध्यम से आम बजट को प्रस्तुत करेंगी और पढ़ेंगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर वित्त मंत्रालय से निकल गए हैं। आज संसद में आम बजट पेश किया जाएगा। कोविड के कारण पहली बार पेपरलेस बजट पेश किया जाएगा।
निर्मला सीतारमण ने वित्त मंत्रालय में अधिकारियों के साथ बैठक की। अब वे राष्ट्रपति भवन के लिए रवाना हो गईं हैं।
संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, कोविड-19 और लॉकडाउन से प्रभावित 2020 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 9.6 फीसदी की गिरावट होने का अनुमान है। इसी रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था 2021 में 7.3 फीसदी की वृद्धि दर्ज कर सकती है।
यह बजट इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मौजूदा समय में भारत की अर्थव्यवस्था में सुस्ती छाई हुई है। इसलिए देखना ये होगा कि अर्थव्यवस्था की स्थिति में सुधार लाने के लिए वित्त मंत्री क्या एलान करती हैं। इस बीच संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और अन्य एजेंसियों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर अनुमान जताया है।
अर्थशास्त्रियों ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए देश की सालाना विकास दर में 7-8 फीसदी की गिरावट रहने का आकलन पेश किया है। यह विकासशील देशों के बीच सबसे कमजोर प्रदर्शन माना जा रहा है। सरकार के सामने अर्थव्यवस्था को गिरावट के इस गर्त से बाहर निकालने की सबसे बड़ी चुनौती है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त मंत्रालय पहुंच गई हैं। वे आज संसद में आम बजट 2021-22 पेश करेंगी।
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह बजट कोविड-19 महामारी के कारण हुए नुकसान के बाद भरपाई की शुरुआत रहेगा। इसे महज एक ‘बहीखाता’ होने के साथ-साथ पुरानी योजनाओं को ‘नई बोतल’ में बंद करने से परे होना चाहिए। साथ ही विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए सरकार की तरफ से भविष्य के रोडमैप जैसा होना चाहिए।
वित्त और कॉर्पोरेट मामलों के राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर वित्त मंत्रालय पहुंच गए हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में आम बजट पेश करेंगी।
वित्तमंत्री महामारी से प्रभावित आम आदमी को राहत देने के साथ-साथ देश को आर्थिक रिकवरी की राह पर लौटाने के अपने वादे के बीच संतुलन बैठाने का प्रयास करेंगी। इसके लिए आम बजट में स्वास्थ्य सेवाओं और पड़ोसी देशों के साथ चल रहे तनाव के बीच ढांचागत निर्माण व सुरक्षा पर ज्यादा खर्च बढ़ाए जाने पर जोर रहेगा।
पूजा-अर्चना के बाद अनुराग ठाकुर ने कहा, 'बजट लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप होगा। सरकार ने 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के मंत्र पर काम किया। महामारी से बचाने और अर्थव्यवस्था को तेजी से पटरी पर लाने के लिए आत्मनिर्भर भारत पैकेज की घोषणा की जिसने देश को नई दिशा दी।'
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने संसद में आम बजट 2021-22 पेश करने से पहले, अपने आवास पर पूजा-अर्चना की।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2019 में अपने पहला बजट पेश करते हुए चमड़े के पारंपरिक ब्रीफकेस को बदलते हुए उसके स्थान पर लाल कपड़े में लिपटे ‘बही-खाते’ के रूप में बजट दस्तावेजों को पेश किया था। वहीं जनवरी की शुरुआत में उन्होंने कहा था कि अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष का बजट ऐसा होगा जैसा पहले कभी नहीं देखा गया है।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, वित्त मंत्री सीतारमण ने 'केंद्रीय बजट मोबाइल ऐप' लॉन्च की है। इसके जरिए सासंद और आम जनता तक बजट से जुड़े दस्तावेजों की पहुंच हो सकेगी। बता दें कि आजादी के बाद यह पहली बार है जब बजट की प्रिंटिंग नहीं हो रही है।