वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का दूसरा बजट पेश किया। वित्त मंत्री ने बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के आश्चर्यजनक रूप से सुखद नतीजे देखने को मिले हैं। इसके बाद लोकसभा में विपक्ष ने हंगामा किया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने राज्यों से कृषि भूमि पट्टे, विपणन और ठेका खेती के लिए तीन केंद्रीय मॉडल कानूनों को अपनाने के लिए कहा। सीतारमण ने 2020-21 का बजट पेश करते हुए कहा कि किसानों को बंजर जमीन पर सोलर यूनिट लगाने की अनुमति दी जाएगी और उससे ग्रिड को बिजली आपूर्ति की जाएगी।
वित्त मंत्री ने आगे कहा कि सोलर पंप लगाने के लिए 20 लाख किसानों को सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जलसंकट वाले 100 जिलों में व्यापक उपायों का प्रस्ताव भी सरकार ने रखा है। वित्त मंत्री ने कहा कि इसके अलावा केंद्र ने किसानों को खाद के उचित इस्तेमाल और पानी का कम उपयोग करने तथा उर्वरकों के संतुलित प्रयोग को प्रोत्साहित करने की योजना का भी प्रस्ताव किया है।
सरकार ने अगले वित्त वर्ष 2020-21 में 15 लाख करोड़ रुपये का कृषि ऋण देने का लक्ष्य तय किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए कहा कि नाबार्ड पुनर्वित्त योजना का विस्तार किया जाएगा। सीतारमण ने कहा कि रेलवे जल्द खराब होने वाले सामान के परिवहन को शीत आपूर्ति श्रृंखला के लिए सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) में किसान रेल की स्थापना करेगा।
इसके अलावा नागर विमानन मंत्रालय कृषि उत्पादों के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक परिवहन के लिए कृषि उड़ान शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार क्लस्टर आधार पर एक जिले में एक बागवानी फसल को प्रोत्साहन देगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जल संकट से जूझ रहे देश के 100 जिलों के लिए सरकार विस्तृत योजना लाने वाली है। सीतारमण ने लोकसभा में कहा कि कृषि भूमि पट्टा आदर्श अधिनियम-2016, कृषि उपज और पशुधन मंडी आदर्श अधिनियम -2017, कृषि उपज एवं पशुधन अनुबंध खेती, सेवाएं संवर्धन एवं सुगमीकरण आदर्श अधिनियम-2018 लागू करने वाले राज्यों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
वित्तमंत्री ने कहा कि जिन किसानों के पास बंजर जमीनें हैं, उन्हें सौर बिजली इकाइयां लगाने और अधिशेष बिजली सौर ग्रिड को बेचने में मदद की जाएगी। उन्होंने कहा कि कृषि बाजार को उदार तथा प्रतिस्पर्धी बनाने, कृषि आधारित गतिविधियों को सहायता उपलब्ध कराने और सतत फसल प्रतिरुप व प्रौद्योगिकी की जरूरत है। उन्होंने बजट में किसानों की बेहतरी के लिए 16 बिंदुओं की कार्ययोजना तथा राज्यों को प्रोत्साहन देने के उपायों की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2020-21 का बजट मुख्यत : तीन बातों - आकांक्षी भारत , आर्थिक विकास और कल्याणकारी समाज’ पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि भारत ने 27.1 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है।