असम के मुख्यमंत्री ने कहा, मुस्लिम बेटियों को डॉक्टर और इंजीनियर बनाया जाना चाहिए, बच्चा पैदा करने वाली मशीन नहीं। भाजपा ने सत्ता में आने पर समान नागरिक संहिता पर काम करने का वादा किया है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य में "चार विवाह" करने और महिलाओं को बच्चा पैदा करने वाली मशीनें बनाने की प्रणाली को समाप्त करने के लिए समान नागरिक संहिता का कार्यान्वयन महत्वपूर्ण है।
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असम के मुख्यमंत्री कर्नाटक के कोडागु जिले के शनिवारासंथे मदिकेरी में शनिवार को भाजपा के चुनाव प्रचार के दौरान रोड शो कर रहे थे। उस दौरान उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, मुस्लिम महिलाओं और बेटियों की चार से ज्यादा शादियां कराई जाती हैं। क्या यह कोई व्यवस्था है? इस व्यवस्था को समाप्त करने के लिए समान नागरिक संहिता अनिवार्य है।
उन्होंने कहा, मुस्लिम बेटियों को डॉक्टर और इंजीनियर बनाया जाना चाहिए, बच्चा पैदा करने वाली मशीन नहीं। भाजपा ने सत्ता में आने पर समान नागरिक संहिता पर काम करने का वादा किया है। मैं इसके लिए बीजेपी को धन्यवाद देना चाहता हूं।" विशेष रूप से भाजपा ने अपने घोषणापत्र में कर्नाटक राज्य में समान नागरिक संहिता के कार्यान्वयन का वादा किया है। हालांकि, भाजपा ने इससे पहले गुजरात और उत्तराखंड विधानसभा चुनावों के दौरान भी समान नागरिक संहिता को लागू करने का वादा किया था।
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इस बीच, राज्य में 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार का आखिरी चरण तेज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हावेरी और बादामी में रोड शो और जनसभाओं को संबोधित किया। केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने बेलगावी में एक जनसभा की। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने उडुपी जिले में रोड शो किया।
10 मई को होगा विधानसभा चुनाव
राज्य की 224 सदस्यीय विधानसभा के लिए 10 मई को मतदान होगा और परिणाम 13 मई को घोषित किए जाएंगे। चुनाव आयोग के अनुसार, इस चुनाव में कुल 5,21,73,579 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। राज्य में महिला वोटर्स की संख्या 2.59 करोड़ है जबकि पुरुष वोटर्स 2.62 करोड़ हैं। राज्य में कुल 9.17 लाख मतदाता ऐसे होंगे, जो पहली बार वोट डालेंगे। इनकी उम्र 18 से 19 साल के बीच है।