सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर समान नागरिक संहिता पर दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित याचिका को शीर्ष अदालत में ट्रांसफर करने की मांग की गई है। भाजपा नेता व वकील अश्विनी उपाध्याय द्वारा दायर की गई याचिका में कहा गया कि शादी की न्यूनतम उम्र, तलाक के आधार, रखरखाव राशि, गोद लेने व संरक्षकता और उत्तराधिकार पर समान कानून की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पांच याचिकाएं लंबित है।
समान नागरिक संहिता लागू होने से देश के सभी नागरिकों को भारतीय दंड संहिता की तर्ज पर सैकड़ों जटिल व पुराने कानूनों से मुक्ति मिलेगी। याचिका में केंद्र सरकार को तीन महीने में समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार करने के लिए न्यायिक आयोग या विशेषज्ञ समिति नियुक्त करने का निर्देश देने की भी मांग की गई है।