23 एवं 24 जून को आयोजित इस दो दिवसीय कार्यशाला में एमिटी यूनिवर्सिटी, गलगोटिया यूनिवर्सिटी, नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी और शारदा यूनिवर्सिटी से 50 से अधिक छात्र सम्मिलित हुए।
'जलवायु परिवर्तन' आज की सबसे बड़ी समस्या है। इसी मुद्दे पर अमर उजाला फाउंडेशन और यूनिसेफ इंडिया द्वारा दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य, कोविड वैक्सीन और इन सभी मुद्दों को आमजन तक पहुंचाने के लिए उपयोग में लाए जाने वाले मोबाइल तथा डिजिटल जर्नलिज्म पर केंद्रित थी।
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23 एवं 24 जून को आयोजित इस दो दिवसीय कार्यशाला में एमिटी यूनिवर्सिटी, गलगोटिया यूनिवर्सिटी, नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी और शारदा यूनिवर्सिटी से 50 से अधिक छात्र सम्मिलित हुए। कार्यशाला में वरिष्ठ पत्रकारों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और मोबाइल जर्नलिज्म प्रोडक्ट तथा पॉडकास्ट बनाने में छात्रों की सहायता भी की।
कार्यशाला के उपरांत शारदा यूनिवर्सिटी की छात्रा पूजा नेगी तथा अमीषा बिष्ट ने हमसे अपने अनुभव साझा किए। छात्रा पूजा ने बताया कि इस दो दिवसीय कार्यशाला के मूल विषय 'जलवायु परिवर्तन' के बारे में उन्हें एक्सपर्ट्स से जो जानकारी मिली, जिन्हें वे अपने पत्रकारिता के करियर में आगे भी इस्तेमाल करेंगी। जलवायु संबंधी जानकारी को आमजन तक पहुंचाने के लिए वे मोबाइल जर्नलिज्म का इस्तेमाल करेंगी, जिसके गुर उन्हें कार्यशाला में वरिष्ठ पत्रकारों से सीखे हैं। इसके साथ ही छात्रा अमीषा बिष्ट ने कहा कि इस दो दिवसीय कार्यशाला में प्राप्त जानकारी को वे अन्य छात्रों के साथ अवश्य साझा करेंगी तथा पत्रकारिता की छात्रा होने के नाते वे इस कार्यशाला में प्राप्त ज्ञान को अधिक के अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए कार्य करेंगी।