कार्यशाला के विषय में अपने विचार साझा करते हुए एमिटी यूनिवर्सिटी की छात्रा डिंपी वर्मा कहती हैं कि हमारे आस-पास ही मौजूद काफी चीजें जलवायु को बुरी तरह प्रभावित करती हैं, जिन पर एक्शन जरूरी है।
जलवायु परिवर्तन के साथ आमजन से सीधा संवाद स्थापित करने में उपयोगी डिजिटल तथा मोबाइल जर्नलिज्म पर केंद्रित दो दिवसीय कार्यशाला में नोएडा के 50 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। 23 तथा 24 जून को आयोजित यह कार्यशाला जलवायु परिवर्तन तथा उसके प्रभाव, स्वास्थ्य, मोबाइल-डिजिटल जर्नलिज्म और कोरोना वैक्सीन आदि मुद्दों पर केंद्रित थी।
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कार्यशाला के विषय में अपने विचार साझा करते हुए एमिटी यूनिवर्सिटी की छात्रा डिंपी वर्मा कहती हैं कि हमारे आस-पास ही मौजूद काफी चीजें जलवायु को बुरी तरह प्रभावित करती हैं, जिनपर एक्शन जरूरी है। मैंने इस दो दिवसीय कार्यशाला में यह जाना कि जलवायु संरक्षण के लिए हमें पूरी सतर्कता के साथ काम करना होगा।
डिंपी ने यह भी कहा कि जलवायु को प्रभावित करने वाले सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए ऐसी चीजों से परहेज करना होगा जो जलवायु को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल-मोबाइल जर्नलिज्म जलवायु परिवर्तन तथा स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों को आमजन तक पहुंचाने का अच्छा माध्यम है जिसका वे अपने मीडिया करियर में अवश्य इस्तेमाल करेंगी।