कार्यशाला में नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, एमिटी यूनिवर्सिटी, गलगोटिया यूनिवर्सिटी तथा शारदा यूनिवर्सिटी के 50 से अधिक पत्रकारिता के छात्रों ने भाग लिया और कई वरिष्ठ पत्रकारों ने भी उनका साथ दिया।
अमर उजाला फाउंडेशन तथा यूनिसेफ इंडिया के संयुक्त सहयोग से नोएडा में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला जलवायु परिवर्तन, कोरोना वैक्सीन, स्वास्थ्य आदि मुद्दों पर केंद्रित थी। कार्यशाला में नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, एमिटी यूनिवर्सिटी, गलगोटिया यूनिवर्सिटी तथा शारदा यूनिवर्सिटी के 50 से अधिक पत्रकारिता के छात्रों ने भाग लिया और कई वरिष्ठ पत्रकारों ने भी उनका साथ दिया।
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इसके साथ ही कार्यशाला में डिजिटल तथा मोबाइल जर्नलिज्म के विषय में भी छात्रों हेतु विशेष सेशन का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों को मोबाइल जर्नलिज्म में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों तथा पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों के विषय में जानकारी दी गई। इस कार्यशाला में जलवायु परिवर्तन तथा समुदायों पर होने वाले प्रभाव के साथ ही महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य पर होने वाले असर के विषय में जागरूक किया गया।
कार्यशाला के बारे में अपने अनुभव साझा करते हुए एमिटी यूनिवर्सिटी की छात्रा आयुषी गर्ग कहती हैं कि जलवायु संकट एक विघ्न समस्या है पर हमें अब इसके समाधान खोजने हैं। उन्होंने कहा कि मैंने कार्यशाला में उपस्थित एक्सपर्ट्स से यह सीखा कि जलवायु परिवर्तन की समस्या के समाधान क्या हो सकता हैं? पराली की समस्या आज के समय में काफी बड़ी और घातक है। इस कार्यशाला में मैंने एक्सपर्ट्स से सीखा कि इस समस्या का हल क्या है और इसे डिजिटल मीडिया पर प्रचारित करने की आवश्यकता है, विशेषकर मोबाइल जर्नलिस्म के माध्यम से आमजन को जागरूक करने की आवश्यकता है।