लक्षद्वीप से लोकसभा सांसद मोहम्मद फैजल ने बुधवार को कहा कि टूना मछली निर्यात घोटाले में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर 'राजनीतिक प्रतिशोध' है। फैजल ने कहा कि यह केस इसलिए दर्ज हुआ है, क्योंकि वे लगातार द्वीप से जुड़े मुद्दों को जोर-शोर से उठाते रहे हैं। फैजल ने कहा कि वे मामले में सीबीआई के साथ सहयोग कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने मामले में आगे बोलने से इनकार कर दिया।
गौरतलब है कि सीबीआई ने एक श्रीलंकाई कंपनी को टूना मछली के निर्यात में कथित अनियमितताओं में संलिप्त पाया। इसे लेकर लक्षद्वीप के सांसद मोहम्मद फैजल के खिलाफ मंगलवार को ही मामला दर्ज किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, प्राथमिकी में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के सांसद फैजल के भतीजे अब्दुल रजाक और श्रीलंकाई कंपनी एसआरटी जनरल मर्चेंट्स को भी आरोपी बनाया गया है। रजाक श्रीलंकाई कंपनी एसआरटी के प्रतिनिधि थे।
अफसरों ने बताया कि जांच एजेंसी ने मंगलवार को दिल्ली, कालीकट और लक्षद्वीप में फैजल के आवास की तलाशी ली। आरोप है कि कुछ जन प्रतिनिधियों और नौकरशाहों ने टूना मछली के निर्यात के लिए आपस में सांठगांठ की। टूना मछली की औसत अंतरराष्ट्रीय कीमत 400 रुपये प्रति किलोग्राम है।
अधिकारियों ने बताया कि लक्षद्वीप सहकारी विपणन संघ (एलसीएमएफ) के जरिए स्थानीय मछुआरों से टूना मछली खरीदी गई और श्रीलंकाई कंपनी को निर्यात की गई। आरोप है कि श्रीलंकाई कंपनी ने एलसीएमएफ को कोई भुगतान नहीं किया जिससे उसे और स्थानीय मछुआरों को भारी हानि हुई।