कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने राफेल विमान सौदे को लेकर केंद्र पर हमला करते हुए कहा कि आखिर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण किसके दबाव में झूठ बोल रही हैं। पद से बर्खास्त करने के लिए कौन उन पर दबाव डाल रहा है। सुरजेवाला ने कहा कि सीतारमण पर्दे के पीछे से हो रहे इशारों पर झूठ बोल रही हैं। उन्होंने पूछा, रक्षा मंत्री जी कहीं ऐसा होता है कि एक साथ 126 विमानों का आर्डर देने के बाद किस्तों में डिलीवरी होने पर अलग-अलग कीमत देनी होती है। विमान खरीदने के लिए टैंडर क्यों नहीं किया गया। ये ओवर काउंटर नहीं तो क्या है?
पूछा- इमरजेंसी में किए गए सौदे की डिलीवरी 2022 में शुरू क्यों होगी
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, रक्षा मंत्री के मुताबिक सौदा इमरजेंसी में किया गया है। अगर ऐसा है तो विमान आठ साल बाद सितंबर, 2022 में मिलना क्यों शुरू होंगे? फिर भारत आने के बाद उनमें उपकरण लगाने में तीन साल लगेंगे। फिर वायुसेना को ये विमान 2015 में मिलेंगे। रक्षा मंत्री कर रही हैं कि इतने विमान खड़े करने की जगह नहीं है। तो क्या सरकार आठ साल में भी इसकी व्यवस्था नहीं कर सकती थी।
सुरजेवाला ने कहा कि रक्षा मंत्री के मुताबिक, दसॉल्ट एविएशन ने ऑफसेट कांट्रेक्ट सीधे रिलांयस को दिया है। उन्हें यह भी बताना चाहिए कि एके-103 की खरीद में सरकार ने हस्तक्षेप कर रूस की कंपनी का सौदा अडानी की कंपनी से रद्द कराकर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री से क्यों कराया। क्या राफेल में 61 हजार करोड़ रुपए का ऑफसेट कांट्रेक्ट देश का नहीं है।