मिजोरम के आइजोल से लगभग 21 किमी दूर सैरांग इलाके में बुधवार (23 अगस्त) को एक निर्माणाधीन रेलवे पुल के गैंट्री के ढहने से पश्चिम बंगाल के कम से कम 18 श्रमिकों समेत और 23 के मरने की आशंका है। सुबह करीब 10 बजे हुई इस घटना में तीन लोग घायल बताए जा रहे हैं।
मिजोरम के आईजीपी (कानून एवं व्यवस्था) लालबियाकथांगा खियांग्ते ने बताया कि निर्माणाधीन पुल के गैंट्री गिरने से 23 लोगों के मारे जाने की आशंका है। मलबे से अब तक 18 शव निकाले जा चुके हैं, जबकि पांच अन्य शाम पांच बजे तक लापता हैं। उन्होंने बताया कि मृतकों में से 12 शवों की पहचान कर ली गई है और वे सभी पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि ऐसा माना जा रहा है कि अन्य पीड़ित भी पश्चिम बंगाल के हैं।
पुलिस के मुताबिक, घटना के वक्त इलाके में 35-40 लोग थे। इन सभी लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। फिलहाल एनडीआरएफ, राज्य सरकार और रेलवे अधिकारियों की टीम राहत-बचाव कार्य चला रही है। रेलवे अफसरों का कहना है कि इस पुल के निर्माण की प्रक्रिया आईआईटी एक्सपर्ट द्वारा मान्य की गई थीं। हालांकि, हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया गया है।
पीएम मोदी-सीएम जोरामथांगा ने किया ट्वीट
इस घटना को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने भी ट्वीट किया। उन्होंने दुर्घटना पर दुख जताया और मृतकों के परिजनों के लिए दो-दो लाख रुपये मुआवजे का एलान किया। वहीं, घायलों के लिए 50 हजार रुपये की मदद की घोषणा की गई।
मिजोरम के सीएम जोरामथांगा ने भी ट्वीट किया। उन्होंने इस घटना पर दुख जताया और जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने हादसे के बाद घायलों की मदद के लिए आगे आने वाले लोगों का शुक्रिया जताया।
रेल मंत्री ने किया मुआवजे का एलान
मिजोरम रेलवे ओवर ब्रिज ढहने पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्वीट किया, "मिजोरम में दुर्भाग्यपूर्ण घटना से दुखी हूं। एनडीआरएफ, राज्य प्रशासन और रेलवे अधिकारी घटनास्थल पर हैं। युद्ध स्तर पर बचाव अभियान जारी है। मृत्यु पर 10 लाख रुपये, गंभीर चोटों के लिए 2 लाख रुपये और मामूली चोटों के लिए ₹50,000 का मुआवजा दिया जाएगा।"