हिन्द महासागर में भारतीय नौसेना (फाइल फोटो)
- फोटो : Social media
भारत और तीन यूरोपीय देशों ने शुक्रवार को अदन की खाड़ी में हाई वोल्टेज नौसेना वारगेम शुरू किया। दो दिवसीय इस ड्रिल का मकसद आपसी ऑपरेशनल क्षमताओं में सुधार करना और अहम जलमार्गों में शांति, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देना है।
अधिकारियों ने बताया कि इस संयुक्त नौसेना ड्रिल को ‘यूनावफोर’ नाम दिया गया है। इसमें चारों देशों की नौसेनाओं के पांच वारशिप हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान एडवांस एयर डिफेंस, एंटी सबमरीन ड्रिल, क्रॉस डेक हेलिकॉप्टर ऑपरेशंस, सामरिक युद्धाभ्यास और राहत-बचाव मिशनों का प्रदर्शन किया गया।
यूरोपियन यूनियन नेवल फोर्स सोमालिया (यूनावफोर) यूरोपीय यूनियन के काउंटर पाइरेसी मिशन है जोकि सोमालिया के तट पर तैनात है। भारतीय नौसेना ने अपने युद्धक जहाज आईएनएस त्रिकंड को तैनात किया है जबकि इटली ने आईटीएस कैरबिनियर, स्पेन ने ईएसपीएस नवर्रा और फ्रांस ने दो युद्धक जहाज एफएस टोन्नेरे और एफएस सुकॉफ उतारे हैं।