गुजरात के उना में मरी गाय की चमड़ी उतारने को लेकर दलितों की पिटाई मामले में गुजरात सीआईडी ने चार्जशीट दायर की है। चार्जशीट में चार पुलिसकर्मियों पर तथ्यों को तोड़ने-मरोड़ने और ड्यूटी पर लापरवाही करने का आरोप लगा है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस पर आरोप है कि उन्होंने गाय की चमड़ी उतारे जाने के इस मामले को 'युवकों के पास बीफ मिलने' में बदल दिया था।
सीआईडी ने चार्जशीट में 34 लोगों को आरोपी बनाया है। दलितों को बेहरमी से पीटे जाने के करीब सात महीने बाद चार्जशीट दायर की गई है। कथित गौरक्षकों पर दलितों की पिटाई के मामले में जुवेनाइल के खिलाफ अलग से चार्जशीट फाइल की गई है।
चार्जशीट में कहा गया है कि चार पुलिसकर्मी, जिनमें इंस्पेक्टर भी शामिल हैं आरोपियों को समय से अरेस्ट नहीं कर सके। एफआईआर से संबंधित तथ्यों में भी लापरवाही की गई।
गौरतलब है कि 11 जुलाई को सात दलित युवकों को ऊना जिले के गांव मोटा समधियाला में कथित गौरक्षकों द्वारा मरी हुई गाय की चमड़ी उतारने पर बुरी तरह मारा गया था। सात में चार युवकों को तो घंटों पीटा गया।