फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अफगानिस्तान: हमले बंद नहीं हुए तो शांतिवार्ता सफल नहीं, संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत ने दी चेतावनी

Thu, 25 Mar 2021 12:38 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, संयुक्त राष्ट्र।

सार

  • अफगानिस्तान के लिए संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत डेबोरा ल्योंस ने दी चेतावनी।
  • ल्योंस ने कहा- युवाओं को प्रतिबिंबित करें और महिलाओं को आर्थिक एवं राजनीतिक क्षेत्र के उच्च पदों तक पहुंचने का मौका दें।
विज्ञापन
Deborah Lyons (UNAMA) - फोटो : webtv.un.org
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अफगानिस्तान के लिए संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत डेबोरा ल्योंस ने चेताया है कि यदि देश में हमले बंद नहीं हुए तो, शांति वार्ता सफल नहीं हो पाएगी। उन्होंने देश में ऐसे समझौते की मांग की है जो युवाओं को प्रतिबिंबित करें और महिलाओं को आर्थिक एवं राजनीतिक क्षेत्र के उच्च पदों तक पहुंचने का मौका दें।

विज्ञापन


बता दें कि देश की आधी आबादी उन युवाओं की है, जिनका जन्म 2001 में तालिबान की हार के बाद हुआ है। डेबोरा ल्योंस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कहा कि ये अफगानिस्तानी लोग अब बहुमत में है और सरकार तथा तालिबान के बीच शांति वार्ता के दौरान इनकी आवाज सुनी जानी चाहिए, क्योंकि शांति समझौते के बाद अफगानिस्तान में इनकी सक्रिय भूमिका होगी।

अमेरिका नीत गठबंधन ने 9/11 आंतकी हमले के प्रमुख दोषी ओसामा बिन लादेन को पनाह देने के आरोप में 2001 में तालिबान को सत्ता से बाहर कर दिया था और फरवरी 2020 को कतर में तालिबान ने एक शांति समझौते पर दस्तखत किए थे। ल्योंस ने सरकार और तालिबान के बीच शांति वार्ता की धीमी गति का हवाला दिया और ‘देश में जारी अति हिंसा’ का भी जिक्र किया।
विज्ञापन


तालिबान के रुख में बदलाव नहीं
अफगानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हमदुल्ला मोहिब ने कहा, अफगान वार्ता दल ने तालिबान के रुख में अब तक बदलाव नहीं देखा है। उन्होंने कहा उसका रुख लगभग वैसा ही है जैसा 9/11 हमले से पहले उसके सत्ता में होने के दौरान था। मोहिब ने अमेरिकी हडसन इंस्टीट्यूट में पाक के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी से चर्चा में कहा, हमें तालिबान के रुख, विचार और नीतियों में बदलाव का इंतजार है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें