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UN विशेषज्ञ ने की ‘स्वच्छ भारत’ मिशन की आलोचना, सरकार ने टूरिज्म रिपोर्ट बता किया खारिज

Sat, 11 Nov 2017 02:04 AM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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 संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के एक शीर्ष विशेषज्ञ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पसंदीदा स्वच्छ भारत मिशन की आलोचना की। विशेषज्ञ ने कहा कि मिशन में ‘समग्र मानवाधिकार दृष्टिकोण’ का अभाव है। वहीं सरकार ने इसे ‘पर्यटन रिपोर्ट’ बताकर इसे खारिज कर दिया है।
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संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत लियो हैलर ने अपने भारत दौरे की एक प्रारंभिक रिपोर्ट पेश की। उन्होंने कहा कि केंद्र का जोर शौचालय बनवाने पर है लेकिन उन्हें सभी को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने को पीछे नहीं छोड़ देना चाहिए। हैलर ने कहा, ‘पिछले दो सप्ताह के दौरान मैं कई शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में गया जहां ऐसे लोग रहते हैं जिनका कोई रिकॉर्ड नहीं है। मैंने पाया कि सरकार की तरफ से शुरू की गई पहलों में मानवाधिकारों के दृष्टिकोण का अभाव है।’ 

पढ़ें- बिल गेट्स ने जमकर की मोदी के स्वच्छ भारत मिशन की तारीफ, वीडियो भी किया शेयर

इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय की तरफ से जारी विज्ञप्ति में महात्मा गांधी का हवाला देते हुए सरकार की कड़ी आलोचना की गई है। विज्ञप्ति में हेलर के हवाले से लिखा गया है, ‘जहां भी मैं गया मैंने क्लीन इंडिया मिशन का लोगो- गांधी (महात्मा) का चश्मा देखा। अभियान के लागू होने के तीसरे साल में अब यह महत्वपूर्ण समय है कि गांधी के चश्मे के लेंस को मानवाधिकार के लेंस से बदल दिया जाए।’ 
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वहीं सरकार का कहना है कि यह रिपोर्ट अशुद्धियों, सामान्यीकरण और पूर्वाग्रह से ग्रसित है। रिपोर्ट में ग्रामीण क्षेत्रों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों तक शौचालय तक पहुंच में भेदभाव की बात भी कही गई है। इसमें शौचालय साफ करने वाले लोगों के मानवाधिकार और विभिन्न स्थानों को खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) घोषित करने पर भी सवाल उठाए गए हैं। 
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