केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में हवा का आपातकाल जारी है। 7 नवंबर से 10 नवंबर की शाम 4 बजे तक करीब 82 घंटे बीत चुके हैं। लगातार हवा में पर्टिकुलेट मैटर (हवा में मौजूद खतरनाक बारीक कण) 2.5 का स्तर 300 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से ऊपर जबकि पर्टिकुलेट मैटर (पीएम) 10 का स्तर 500 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से ऊपर बना हुआ है।
अब तो स्थिति और बिगड़ गई है। वाराणसी शुक्रवार को वायु प्रदूषण के मामले में देश का सबसे प्रदूषित शहर रिकॉर्ड किया गया है। इसी तरह से यूपी में आगरा, लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद और हरियाणा में गुरुग्राम, फरीदाबाद जैसे शहरों में हवा अतिगंभीर बनी हुई है।
सभी जगह हवा दमघोंटू है। सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) के मुताबिक अगले दो दिन तक दिल्ली में हवा आपात स्थिति में ही रहेगी। सुबह और शाम को घने कोहरे के साथ आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी जारी है।
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