विवादास्पद इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक
'आईएस-प्रेरित' आतंकी गुट उम्मत-ए-मोहम्मदिया के 10 आतंकी विवादास्पद इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक के भाषणों से प्रभावित थे। यह बात एटीएस ने मुंबई की एक कोर्ट में दाखिल की गई अपनी चार्जशीट में कही है। एटीएस ने इन लोगों को जनवरी में महाराष्ट्र के औरंगाबाद और मुंब्रा से गिरफ्तार किया था। ये सभी मुंब्रा के 400 साल पुराने श्रीमुंब्रेश्वर मंदिर के महाप्रसाद में जहर मिलाकर हजारों लोगों की हत्या की साजिश रच रहे थे। साथ ही कुछ जगहों पर बम रखने के षड्यंत्र को अंजाम देने के लिए ठाणे जिले के मुंब्रा बाईपास के पास बमों का टेस्ट भी किया था।
एटीएस का अपनी चार्जशीट में कहना है कि इन आतंकियों का मकसद सामूहिक नरसंहार का था। ये विस्फोटों के साथ जहरीले रसायनों का भी इस्तेमाल करने की साजिश रच रहे थे। एटीएस को इनके पास नाइक के भाषणों के वीडियो टेप मिले। गिरफ्तार लोगों में से एक ताल्हा पोट्रिक ने श्रीमुंब्रेश्वर मंदिर के महाप्रसाद में जहर मिलाने की योजना बनाई थी परंतु उसे पहले ही एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया गया।
जिस दिन उसने महाप्रसाद में जहर मिलाने का षड्यंत्र रचा था, उस दिन मंदिर में भागवत का पाठ था और 40 हजार श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया था। चार्जशीट के मुताबिक इनके गुट का मुखिया अबू हमजा है। उसने कुछ युवाओं को आतंकी हमलों की ट्रेनिंग भी खुद ही दी थी। ये लोग अपने विदेशी आकाओं के संपर्क में थे।