पूर्व नदी विकास और गंगा कायाकल्प मंत्री उमा भारती ने रविवार को उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर टूटने की घटना पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ग्लेशियर टूटने के कारण हुई त्रासदी चिंता का विषय है। इसके अलावा यह चेतावनी भी है। भाजपा नेता ने आगे कहा कि मंत्री रहते हुए वह गंगा और उसकी मुख्य सहायक नदियों पर बांध बनाकर पनबिजली परियोजनाएं लगाने के खिलाफ थीं।
उन्होंने एक के बाद एक कई ट्वीट किए हैं। अपने एक ट्वीट के जरिये उन्होंने कहा कि ग्लेशियर टूटने से पनबिजली परियोजना को नुकसान पहुंचा है और भीषण त्रासदी आई है। हिमालय के ऋषि गंगा में हुई यह त्रासदी चिंता का विषय होने के साथ-साथ चेतावनी भी है।
उन्होंने लिखा है, ‘'इस संबंध में मैंने अपने मंत्रालय की तरफ से हिमालय उत्तराखंड के बांधों के बारे में जो हलफनामा दिया था, उसमें यही आग्रह किया था की हिमालय एक बहुत संवेदनशील स्थान है इसलिए गंगा और उसकी मुख्य सहायक नदियों पर पनबिजली परियोजना नहीं बनने चाहिए।’
उन्होंने कहा कि उस फैसले से बिजली आपूर्ति में होने वाली कमी को राष्ट्रीय ग्रिड से पूरा किया जा सकता था। साथ ही उमा भारती ने जानकारी दी कि शनिवार को वह उत्तर काशी में थीं और फिलहाल हरिद्वार में हैं।