ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के तौर पर कीर स्टार्मर ने मंगलवार को सदन को अपने पहले संबोधन में ब्रिटेन के नए संसद को नस्ल और लिंग के मामले में ब्रिटिश इतिहास में सबसे विविधतापूर्ण बताया। वहीं इस दौरान विपक्षी नेता ऋषि सुनक ने उन्हें आगे आने वाले कठिन कार्यों के लिए शुभकामनाएं भी दीं है।
'नई संसद इतिहास में सबसे विविधतापूर्ण'
अपने संबोधन में कीर स्टार्मर ने नई संसद को नस्ल और लिंग के मामले में इतिहास में सबसे विविधतापूर्ण बताया। उन्होंने सर लिंडसे हॉयल के स्पीकर के तौर पर फिर से चुने जाने का स्वागत करते हुए कहा कि नए हाउस ऑफ कॉमन्स में दुनिया की किसी भी संसद के मुकाबले सबसे ज्यादा एलजीबीटी+ सांसद हैं। कीर स्टार्मर ने कहा, कि अध्यक्ष महोदय आप एक नई संसद की अध्यक्षता कर रहे हैं, जो जाति और लिंग के आधार पर इस देश में अब तक देखी गई सबसे विविध संसद है। मुझे अपनी पार्टी की तरफ से निभाई गई भूमिका पर गर्व है, मुझे हर पार्टी की तरफ से निभाई गई भूमिका पर गर्व है। इसमें दुनिया की किसी भी संसद के एलजीबीटी+ सांसदों का सबसे बड़ा समूह शामिल है।
नई संसद को सेवा की संसद बनाएं- स्टार्मर
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा- हम सभी का यह कर्तव्य है कि हम यह दिखाएं कि राजनीति अच्छे कामों के लिए एक ताकत हो सकती है। इसलिए हमारे राजनीतिक मतभेद चाहे जो भी हों, अब समय आ गया है कि हम पन्ने पलटें, राष्ट्रीय नवीनीकरण के साझा प्रयास में एकजुट हों और इस नई संसद को सेवा की संसद बनाएं।
विपक्ष के नेता के रूप में गरजे ऋषि सुनक
वहीं उत्तरी यॉर्कशायर से सांसद के रूप में फिर से चुने गए ऋषि सुनक ने विपक्ष के नेता के रूप में अपना पहला भाषण दिया और एक बार फिर अपने कंजर्वेटिव पार्टी के सहयोगियों से माफी मांगी, जो पार्टी की सबसे बुरी चुनावी हार में अपनी सीटें गंवाने के बाद कॉमन्स से गायब थे। इस दौरान ब्रिटिश भारतीय नेता ऋषि सुनक ने अंतरिम नेता के रूप में इस बात पर जोर दिया कि टोरी के लिए यह समय पुनर्निर्माण करने और विपक्ष में अपनी भूमिका को पेशेवर, प्रभावी और विनम्रतापूर्वक निभाने का है, ताकि नई सरकार को जवाबदेह बनाया जा सके।
'हम देश की सेवा करने की इच्छा से प्रेरित'
ऋषि सुनक ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री को उनकी चुनावी जीत पर बधाई देता हूं और जैसे ही वे अपना कठिन कार्य संभालेंगे, वे और उनका परिवार इस सदन में हम सभी की शुभकामनाओं के पात्र हैं। हमारी राजनीति में हम जोरदार तरीके से बहस कर सकते हैं, जैसा कि प्रधानमंत्री और मैंने पिछले छह हफ्तों में किया, लेकिन फिर भी एक-दूसरे का सम्मान करते हैं और इस संसद में हमारे बीच चाहे जो भी विवाद हो, मैं जानता हूं कि इस सदन में हर कोई इस तथ्य को नहीं भूलेगा कि हम सभी अपने मतदाताओं, अपने देश की सेवा करने और उन सिद्धांतों को आगे बढ़ाने की इच्छा से प्रेरित हैं, जिन पर हम सम्मानपूर्वक विश्वास करते हैं।