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500 रुपये में आधार डिटेल बेचने की रिपोर्ट को UIDAI ने किया खारिज, कहा- हमारा सिस्टम सुरक्षित

Fri, 05 Jan 2018 08:35 AM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने अज्ञात लोगों द्वारा 500 रुपये में आधार की पूरी जानकारी मुहैया कराने की रिपोर्ट को खारिज करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि उसकी प्रणाली सुरक्षित है और इसके किसी भी दुरुपयोग का पता लगाया जा सकता है। 

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उसने कहा कि उसके पास हर गतिविधि की पूरी जानकारी होती है। प्राधिकरण ने जारी बयान में कहा कि आधार की कोई जानकारी लीक नहीं हुई है। उसने दावा किया, ‘जैविक जानकारियों समेत आधार के डेटा पूरी तरह सुरक्षित हैं।’ प्राधिकरण का यह बयान ऐसे समय में आया है जब मीडिया रिपोर्टों में व्हाट्सएप के जरिए महज 500 रुपये में आधार की जानकारी मुहैया कराने का खुलासा किया गया था।

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गौरतलब है कि इससे पहले अखबार दि ट्रिब्यून ने व्हॉट्सऐप पर एक गुमनाम विक्रेता से एक सेवा खरीदने के दावा किया था। यह विक्रेता देश में अब तक बने 1 अरब आधार कार्ड की जानकारी को निर्बाध रूप से मुहैया कराता है। इसके बदले यह विक्रेता सेवा खरीदने वाले से कुछ पैसे वसूल करता है। 

दि ट्रिब्यून के अनुसार उनके संवादाता ने आधार की जानकारी बेचने वाले रैकेट के एजेंट को पेटीएम के जरिए 500 रुपए ट्रांसफर किए। इसके बाद उसने अखबार के संवादाता के लिए एक गेटवे तैयार कर दिया। फिर एजेंट ने संवादाता को लॉगइन आईडी और पासवर्ड दिया, इसके जरिए लॉगइन करके आधार का पोर्टल देखा जा सकता है।

इस तरह किसी शख्स ने आधार कार्ड बनवाते समय जो भी जानकारी यूआईडीएआई को मुहैया कराई होगी वो सब आप सिर्फ 500 रुपए देकर देख सकते हैं। इस जानकारी में आधार कार्ड बनवाने वाले का नाम, पता, पिन नंबर, फोटो, फोन नंबर और ईमेल आईडी। दि ट्रिब्यून के संवादाता ने एजेंट को 300 रुपए और दिए। इसके बदले में उसे एक ऐसा सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराया गया जहां आप डीटेल भरकर किसी भी ‌इंसान का आधार कार्ड निकाल सकते हैं।

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रेल टिकट बुकिंग के लिए आधार जरूरी नहीं: रेलवे

aadhaar
रेल विभाग ने कहा है कि टिकट बुक कराने के लिए आधार नंबर जरूरी नहीं है, लेकिन इसे स्वैच्छिक आधार पर प्रोत्साहित किया गया है। लोकसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए रेल राज्य मंत्री राजेन गोहेन बताया कि टिकटों की बुकिंग के लिए आधार नंबर को अनिवार्य करने का प्रस्ताव नहीं है। 

हालांकि, वरिष्ठ नागरिकों की रियायती टिकटों की बुकिंग के लिए जनवरी 2017 से आधार की जांच स्वैच्छिक आधार पर शुरू की गई थी।

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मंत्री ने कहा कि टिकट बुक कराने के लिए आधार और मोबाइल नंबर को लिंक कराने की योजना यात्रियों को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि प्रति यात्री मौजूदा टिकट बुकिंग की मासिक सीमा को बढ़ा कर 12 कर दिया गया है।
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