देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षक बनने से लेकर जेआरएफ का लाभ लेने के लिए आयोजित होने वाली परीक्षा यूजीसी नेट (राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा) साल में दो बार की बजाय एक बार आयोजित हो सकती है। सीबीएसई ने दूसरी बार मानव संसाधन विकास मंत्रालय को इस संबंध में पत्र लिखा है।
सीबीएसई ने यूजीसी नेट की परीक्षा साल में दो बार आयोजित करने को लेकर कई सवाल उठाए हैं, जिसके चलते मंत्रालय जल्द ही बैठक बुलाकर इस पर फैसला कर सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, सीबीएसई ने अप्रैल 2017 के बाद अक्तूबर में ही दूसरी बार मंत्रालय को यूजीसी नेट की परीक्षा साल में एक बार आयोजित करने को पत्र लिखा है। सीबीएसई ने अपने पत्र में लिखा है कि यूजीसी नेट की परीक्षा साल में दो बार आयोजित करने का कोई मतलब नहीं है। क्योंकि इसका पास प्रतिशत बेहद कम है।
इससे बेहतर है कि साल में दो बार की बजाय एक बार आयोजित करते हुए उम्मीदवारों को बेहतर तैयारी का समय दिया जाए। वर्ष 2016 तक जुलाई और दिसंबर महीने में यूजीसी नेट की परीक्षा आयोजित की जाती रही थी।
हालांकि सीबीएसई के विरोध के चलते वर्ष 2017 में एक ही बार पांच नवंबर को आयोजित हो रही है। क्योंकि सीबीएसई ने अप्रैल में लिखे पत्र में दसवीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा समेत दर्जनों अन्य परीक्षा आयोजित करने के चलते अत्यधिक काम का हवाला देते हुए एक बार आयोजित करने की सिफारिश की थी।
सीबीएसई ने अपने पत्र में लिखा था कि करीब 6.5 लाख छात्र रजिस्टर्ड होते हैं, जबकि महज 3.9 तक पास फीसदी है।