दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ( डूटा) ने बृहस्पतिवार को यूजीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। संघ के सदस्य सेंट स्टीफंस व हिंदू कॉलेज को स्वायत्त संस्थान घोषित करने के यूजीसी की योजना का विरोध कर रहे थे। इस प्रदर्शन में डीयू समेत विभिन्न विश्वविद्यालयों के शिक्षकों, छात्रों के साथ-साथ जेएनयू शिक्षक संघ अध्यक्ष ने भी हिस्सा लिया।
डूटा अध्यक्ष राजीब रे के अनुसार, 24 मई को प्रस्तावित यूजीसी फुल कमीशन मीटिंग के महत्वपूर्ण एजेंडों में एक मामला स्वायत्तता का था। लेकिन बृहस्पतिवार सुबह यूजीसी के कुछ अधिकारियों ने बताया कि इस मसले को यूजीसी ने मीटिंग के प्रस्तावित अजेंडे से हटा लिया है। राजीब का कहना था कि लगातार विरोध व संघर्ष के कारण यूजीसी को अंतिम क्षण में फैसला बदलना पड़ा।
हालांकि, इस बात की गारंटी नहीं है कि सरकार संस्थानों को निजीकरण की ओर नहीं धकेलेगी। डीयू एवं संबद्ध कॉलेजों को स्थापित करते समय ही विशेष अधिनियमों व प्रावधानों के तहत स्वायत्त संस्था का दर्जा प्राप्त है। वहीं, डूटा ने सरकार से पांच मार्च 2018 के आरक्षण विरोधी रोस्टर को वापस लेने की अपील की। उन्होंने कहा जब तक मांगी नहीं मानी जाएगी तक तक शिक्षक और छात्र प्रदर्शन करेंगे। सातवें वेतन आयोग की विसंगतियों को भी वापस लिया जाए।