महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सांगली दौरे के दौरान ऐसा कुछ किया जिसने सभी का दिल जीत लिया। ठाकरे सांगली जिले के वालवा तहसील में मुख्य प्रशासकीय इमारत का उद्घाटन करने के लिए पहुंचे थे। उद्घाटन के बाद वह इमारत का मुआयना करते हुए तहसीलदार (राजस्व विभाग के अधिकारी) के लिए बने कमरे में पहुंचे तो उन्हें तहसीलदार की कुर्सी पर बैठाया गया। मगर जैसे ही उन्हें समझ में आया कि वह तहसीलदार की कुर्सी पर बैठे हैं, ठाकरे तुरंत उठ गए और तहसीलदार को उसपर बैठाया।
मुख्यमंत्री तहसीलदार की कुर्सी से उठे और तमाम नेताओं और बड़े अधिकारियों की भीड़ में पीछे खड़े तहसीलदार रवींद्र सबनीस के पास पहुंचे। वह उन्हें अपने साथ कुर्सी के पास लाए। ठाकरे ने उसने पूछा, 'आप ही तहसीलदार हैं न? फिर यह कुर्सी आपकी है, इसपर आप ही बैठिए।'
तहसीलदार ने मुख्यमंत्री से कहा कि मुख्यमंत्री, जिला अभिभावक जयंत पाटिल और जिलाधिकारी की मौजूदगी में मैं कुर्सी पर नहीं बैठ सकता। इस पर ठाकरे ने कहा, 'आप इस कार्यालय और इमारत के इंजार्ज हैं, आपको ही कुर्सी पर बैठना चाहिए।'
राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के इस सौम्य और सहज व्यवहार को देखकर सभी उनकी तारीफ कर रहे हैं। तहसीलदार को उनकी कुर्सी पर बैठाने के बाद ठाकरे उनके बगल में खड़े रहे। उन्होंने उम्मीद जताई कि वह तहसील कार्यालय में आने वाले आम लोगों के साथ अच्छा व्यवहार करेंगे और उन्हें यथोचित सम्मान देंगे।