महाराष्ट्र सीएम उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को कहा कि हम आरे में प्रस्तावित मेट्रो कार शेड के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस ले रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हम उन लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेते हैं, जो आरे में प्रस्तावित मेट्रो कार शेड के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। प्रस्तावित कार शेड को आरे से कंजूर मार्ग पर स्थानांतरित कर दिया गया है।'
एक वेबकास्ट में ठाकरे ने कहा कि परियोजना को कांजुरमार्ग में एक सरकारी भूमि में स्थानांतरित कर दिया जाएगा और इसके लिए कोई लागत नहीं लगेगी। उन्होंने कहा, 'भूमि बिना किसी शुल्क पर उपलब्ध कराई जाएगी।' उन्होंने कहा कि आरे के जंगल में जो इमारत खड़ी हुई है उसका उपयोग किसी अन्य सार्वजनिक उद्देश्य के लिए किया जाएगा।
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ठाकरे ने कहा, 'इस उद्देश्य के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे और यह बेकार नहीं जाएगा।' उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले 600 एकड़ की जमीन को जंगल घोषित किया था, लेकिन अब इसे संशोधित कर 800 एकड़ कर दिया गया है। आरे जंगल में आदिवासियों के अधिकारों का कोई उल्लंघन नहीं होगा।
पिछले महीने उद्धव ने राज्य के गृह विभाग को निर्देश दिया था आरे कॉलोनी में प्रस्तावित मेट्रो कार शेड के लिए पेड़ों की कटाई का पिछले साल विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लिया जाए। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया था।
आरे कॉलोनी के निवासियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने का अनुरोध राज्य के पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे द्वारा कैबिनेट की बैठक में किया गया। इसका उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और अन्य मंत्रियों ने समर्थन किया। उद्धव ठाकरे ने पिछले साल दिसंबर में मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के कुछ दिनों बाद ग्रीन एक्टिविस्ट्स के खिलाफ मामलों को वापस लेने की घोषणा की थी।