महाराष्ट्र में अपनी सहयोगी पार्टी शिवसेना को मनाने के लिए संपर्क फॉर समर्थन के तहत भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने उद्धव ठाकरे के साथ मुलाकात की थी। मगर इस बातचीत का कोई खास असर पड़ता हुआ नहीं दिख रहा है। शिवसेना ने एक बार फिर कहा है कि वह अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में अकेले लड़ेगी। अपने 52वें स्थापना दिवस के मौके पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ठाकरे ने उनसे घर-घर जाने के लिए कहा है।
उद्धव ठाकरे ने कहा, 'आप लोग घर-घर जाइए और पता लगाइए कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ लोगों को मिल भी रहा है या नहीं। भाजपा ने संपर्क फॉर समर्थन अभियान की शुरुआत की है। आप सत्य शोधन अभियान चलाइए और पता कीजिए कि लोगों को योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं।' उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए यह दावा किया कि लोकसभा चुनाव अप्रैल-मई में नहीं बल्कि इसी साल दिसंबर में होंगे।
ठाकरे ने अपने कार्यकर्ताओं को चुनाव की तैयारियों में जुटने के लिए कहा है। उनका कहना है कि महाराष्ट्र का अगला मुख्यमंत्री शिवसेना का ही होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी की मुंबई-अहमदाबाद के बीच चल रही महत्वकांक्षी परियोजनाओं जैसे कि बुलेट ट्रेन का, मुंबई-वडोदरा एक्सप्रेस वे का विरोध करने की बात कही। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से महाराष्ट्र को नहीं बल्कि गुजरात को सबसे ज्यादा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि एक तरफ भाजपा की फसल लहलहा रही है वहीं देश का किसान और खेती कोमा में चला गया है।
अपने मुखपत्र सामना के जरिए भी शिवसेना ने भाजपा पर निशाना साधा है। उसका कहना है कि जो गरजते हैं वह बरसते नहीं हैं। वर्तमान सत्ताधारी पार्टी पर यह कहावत एकदम ठीक बैठती है। उन्होंने कहा कि जुमलेबाजी से अब देश की जनता परेशान हो चुकी है। शिवसेना ने भाजपा से पूछा है कि क्या किसानों के अच्छे दिन आएंगे? इसका जवाब पीएम मोदी को देना चाहिए।