महाराष्ट्र सरकार अपना कोष सिर्फ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में रखेगी। राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि सरकार का पैसा सिर्फ राष्ट्रीयकृत बैंकों में जमा कराया जाए, निजी क्षेत्र के बैंकों में नहीं। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री अजित पवार ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने ठाकरे की उपस्थिति में यह बयान दिया। इससे पहले पवार ने राज्य विधानसभा में 2020-21 का बजट पेश किया।
पवार ने राज्य विधानसभा भवन परिसर के बाहर संवाददाताओं से कहा कि मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव और अन्य सचिवों को निर्देश दिया है कि वे सरकार का कोष सिर्फ राष्ट्रीयकृत बैंकों में जमा कराएं, विशेषरूप से केंद्र द्वारा संरक्षित बैंकों में।
पवार का यह बयान पुलिस विभाग का वेतन खाता निजी क्षेत्र के एक्सिस बैंक को स्थानांतरित करने को लेकर पैदा हुए विवाद के मद्देनजर आया है। कथित रूप से देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई वाली पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने पुलिस विभाग का वेतन खाता एक्सिस बैंक को स्थानांतरित किया था। फडणवीस की पत्नी अमृता एक्सिस बैंक में वरिष्ठ पद पर हैं।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक याचिका पर सुनवाई के दौरान पुलिस विभाग का खाता एक्सिस बैंक को स्थानांतरित करने के मामले में फडणवीस से जवाब मांगा है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को कहा कि वित्त वर्ष 2020-21 के लिए महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार के बजट से विकास के मामले में क्षेत्रीय असंतुलन पैदा होगा और इस बजट में राज्य के किसानों, युवाओं और महिलाओें के लिए कुछ भी नया नहीं है।
मुख्य विपक्षी दल ने कहा कि शिवसेना की अगुवाई वाली सरकार के पहले बजट में किसानों को कर्ज मुक्त बनाने के प्रावधान का कोई जिक्र नहीं है, जैसा पिछले साल नवंबर में एमवीए ने वादा किया था।
भाजपा नेता व विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने यहां विधान भवन परिसर के बाहर संवाददाताओं से कहा कि इसमें किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए कुछ भी नया नहीं है… विदर्भ, मराठवाड़ा और उत्तर महाराष्ट्र के लिए भी इसमें कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि बजट में कोंकण क्षेत्र के लिए प्रावधानों का उल्लेख जरूर किया गया है, लेकिन उसमें कुछ भी ठोस नहीं है।
एक अन्य भाजपा नेता और पूर्व वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि बजट में न तो कोई अर्थ है और न ही कोई संकल्प है।