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महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के लिए उद्धव ने फूंका बिगुल, सीएम पद पर पेच फंसने के संकेत

Sat, 22 Jun 2019 10:05 PM IST
गौरव द्विवेदी अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
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शिवसेना के 53वें स्थापना दिवस के दो दिन बाद पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने शनिवार को सितंबर-अक्तूबर में होने वाले राज्य विधानसभा चुनावों के लिए शंखनाद कर दिया। शनिवार को वह औरंगाबाद और नासिक के दौरे पर निकले। यहां अपने भाषणों में इरादा साफ कर दिया कि वह लड़ाई गांवों-किसानों की करेंगे लेकिन राजनीति की जमीन मुंबई होगी। औरंगाबाद में उद्धव ने कहा कि किसान संकट में हैं। सरकारी कर्जमाफी उन तक नहीं पहुंची है। औरंगाबाद के लासूर स्थित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना दफ्तर में उद्धव ने कहा इस योजना में जो झोल किए गए, धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं। 

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बीमा कंपनियों के एजेंट किसानों को लूट रहे हैं। अब इन कंपनियों को जो भाषा समझ आती है, हम उसी में बात करेंगे। अगर, किसानों के साथ अन्याय हुआ तो इन बैंकों और कंपनियों के दफ्तर मुंबई में बंद करा दिए जाएंगे। कई किसानों को कर्ज माफी पत्र मिलने के बाद भी बैंकों से कर्ज माफी नहीं मिली है। उद्धव ने कहा कि किसानों को कर्ज माफी नहीं कर्ज मुक्ति देनी है। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस से बात करेंगे।

फिफ्टी-फिफ्टी से कम नहीं

 शिवसेना ने साफ कर दिया है कि वह राज्य की 288 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने के फिफ्टी-फिफ्टी फार्मूले से कम पर तैयार नहीं होगी। भाजपा की तरफ से 135-135-18 का फार्मूला बढ़ाया जा रहा है। जिसमें दोनों पार्टियां 135-135 पर लड़ें और 18 पर चार सहयोगी छोटे दल। इसमें भाजपा ने इन दलों के आगे यह भी प्रस्ताव रखा है कि अपने उम्मीदवार उसके पार्टी चिह्न कमल पर लड़वाएं। शिवसेना को इस पर आपत्ति है। उद्धव ने पार्टी के नेताओं से कहा है कि भले भाजपा से गठबंधन हैं परंतु सभी 288 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी रखनी है।

भगवा पर जोर

शिवसेना ने हिंदुत्व के प्रतीक भगवा को नया मंत्र बनाया है। शिवसेना का नया नारा, माझा महाराष्ट्र, माझा भगवा (मेरा महाराष्ट्र, मेरा भगवा) है। पार्टी राज्य में 14 से 27 जुलाई भगवा पखवाड़ा मनाएगी। सूत्रों के अनुसार शिवसेना किसी भी तरह अगली बार मुख्यमंत्री पद पर दावा छोड़ने को राजी नहीं है। उद्धव ने कार्यकर्ताओं से कहा है कि राज्य में मुकाबला सिर्फ कांग्रेस-एनसीपी से ही नहीं भाजपा भी है, जिसने पिछले विधानसभा चुनाव में गठबंधन तोड़ लिया था। अत: इस बार भाजपा से ज्यादा सीटें लानी हैं क्योंकि जिसकी अधिक सीटें होंगी, मुख्यमंत्री उसी का होगा। ऐसे में शिवसेना पूरी ताकत लगाने की तैयारी में है। राज्य में पार्टी के एक लाख शाखा प्रमुख नियुक्त करने पर काम चल रहा है।

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मुख्यमंत्री पद पर फंसेगा पेच 

महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन की टिप्पणी कि ‘अगले मुख्यमंत्री के भाजपा से होने की उम्मीद है’ को लेकर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शनिवार को तीखी प्रतिक्रिया दी। ठाकरे ने कहा कि भाजपा प्रमुख अमित शाह और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (लोकसभा चुनाव से पहले) के साथ चर्चा करने के बाद दोनों दलों के बीच का गठबंधन कूटरचित था। ठाकरे ने शिव सेना को दिए एक बयान में कहा कि ‘हमने, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, मुख्यमंत्री फड़नवीस और मैं एक आपसी समझौता करने के बाद गठबंधन किया। किसी अन्य को इस मुद्दे पर अपनी नाक नहीं घुसेड़नी चाहिए कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा।

सत्तारूढ़ गठबंधन में साझीदार दो भगवा पार्टियों ने होने वाले विधानसभा चुनाव (अक्टूबर में) के लिए गठबंधन जारी रखने के साथ ही साथ हाल के लोकसभा चुनावों की तरह सीट साझा करने के फार्मूले पर निर्णय लिया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्य के जल संसाधन मंत्री महाजन ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि सभी को उम्मीद है कि अगला मुख्यमंत्री उनकी पार्टी का होना चाहिए। ठाकरे ने कहा कि राज्य के समक्ष कई ज्वलंत मुद्दे है, जिनसे पहले निपटने की जरूरत है। शिवसेना प्रमुख ने कहा कि ‘गरीब किसानों की समस्याएं हैं जिन्होंने हमें सत्ता में पहुंचाया, लेकिन इनके सवालों का जवाब देने के बजाय, मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इसका सवाल कुछ लोगों के लिए ज्यादा अहमियत रखता है।’ 
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