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Mumbai: उद्धव गुट का नए चुनाव चिह्न और पार्टी नाम के साथ पोस्टर जारी, आदित्य बोले- बालासाहेब जैसा करेंगे काम

Tue, 11 Oct 2022 05:06 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।

सार

उद्धव गुट फिलहाल राजनीतिक तौर पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नाम से जाना जाएगा। साथ ही इसका चुनाव चिह्न 'मशाल' होगा। इस बीच उद्धव ठाकरे गुट ने नए चुनाव चिह्न और नई पार्टी के नाम के साथ एक पोस्टर जारी किया।
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उद्धव ठाकरे गुट ने जारी किया नए चुनाव चिह्न और पार्टी के नए नाम के साथ पोस्टर। - फोटो : ANI
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विस्तार
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महाराष्ट्र में शिवसेना को लेकर उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुट के बीच मची रार अब कुछ हद तक थम गई है। नाम और सिंबल की इस लड़ाई में चुनाव आयोग ने हाल में होने वाले अंधेरी पूर्व विधानसभा उप चुनाव के लिए उद्धव ठाकरे गुट को नया नाम और पार्टी सिंबल दे दिया है। वहीं, शिंदे गुट को केवल नाम ही मिला है। चुनाव आयोग ने उद्धव गुट को पार्टी के नाम के रूप में 'शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)' और उनके चुनाव चिन्ह के रूप में 'मशाल' आवंटित की है।

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उद्धव गुट फिलहाल राजनीतिक तौर पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नाम से जाना जाएगा। साथ ही इसका चुनाव चिह्न 'मशाल' होगा। इस बीच उद्धव ठाकरे गुट ने नए चुनाव चिह्न और नई पार्टी के नाम के साथ एक पोस्टर जारी किया। पोस्टर में दो लोगों को दिखाया गया है जो एक-दूसरे से पीठ जोड़कर खड़े हैं। दोनों ने अपने एक-एक हाथों से मशाल पकड़ी है। यह जलती हुई मशाल है। इस पोस्टर को भगवा रंग का बनाया गया है। इसके नीचे एक सफेद रंग की पट्टी है। जिसमें शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे लिखा है। सफेद पट्टी में एक भगवा रंग का गोला भी है, जिसके अंदर एक जलती हुई मशाल बनी है।
 

 


आदित्य ठाकरे ने बालासाहेब को किया याद
पोस्टर जारी होने के बाद आदित्य ठाकरे ने कहा कि नया प्रतीक, नया नाम 'शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)' - हमें उद्धव बालासाहेब ठाकरे पर बेहद गर्व है। उन्होंने महाराष्ट्र में हजारों लोगों की जान बचाकर मुख्यमंत्री के रूप में काम किया है। हमने अपने प्रदेश की जनता के लिए ईमानदारी से काम किया है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी के नाम के साथ हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे का भी नाम जुड़ा है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 'मशाल' (ज्वलंत मशाल) एक ऐसी चीज है जिसे हम हर घर में गर्व के साथ ले जाएंगे। चुनाव आयोग के फैसले के बाद उद्धव ठाकरे ग्रुप के नेता भास्कर जाधव ने कहा कि हमारे लिए यह बड़ी जीत है।

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उद्धव गुट को इसलिए मिला मशाल चुनाव चिह्न
उद्धव गुट को 'त्रिशूल' का चिह्न इसलिए नहीं मिला क्योंकि इसका धार्मिक संकेत है। 'उगता सूरज' इसलिए नहीं मिला क्योंकि यह द्रमुक के पास है। 'मशाल' चुनाव चिह्न 2004 तक समता पार्टी के पास था। उसके बाद से यह किसी को आवंटित नहीं था, इसलिए यह चिह्न उद्धव गुट को दिया गया है।

 

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