भाई-दूज के त्योहार के अवसर पर राज ठाकरे की बहन जैजयवंती के घर दोनों नेता एकत्रित हुए। यह इस महीने उनका पांचवां व्यक्तिगत और पारिवारिक मिलन है। इससे एक दिन पहले उद्धव ठाकरे, राज ठाकरे की मां कुंदा ठाकरे और अपनी चाची को उनके जन्मदिन की बधाई देने दादर स्थित घर पहुंचे थे।
मुंबई में ठाकरे परिवार की पारिवारिक आयोजनों ने इस सप्ताह राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना दिया। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और उनके चचेरे भाई, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) अध्यक्ष राज ठाकरे, लगातार पांचवीं बार एक साथ नजर आए। ऐसे में परिवार की नजदीकी और राजनीतिक समीकरणों की संभावनाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
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भाई-दूज के त्योहार के अवसर पर राज ठाकरे की बहन जैजयवंती के घर दोनों नेता एकत्रित हुए। यह इस महीने उनका पांचवां व्यक्तिगत और पारिवारिक मिलन है। इससे एक दिन पहले उद्धव ठाकरे, राज ठाकरे की मां कुंदा ठाकरे और अपनी चाची को उनके जन्मदिन की बधाई देने दादर स्थित घर पहुंचे थे।
कम से कम 10 बार दिखे साथ
उद्धव और राज ठाकरे जुलाई 2025 के बाद सार्वजनिक मंच पर कम से कम 10 बार साथ दिखे हैं। 17 अक्तूबर को उद्धव ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना द्वारा आयोजित दीपोत्सव कार्यक्रम का उद्घाटन किया था। इन मुलाकातों में दोनों परिवारों के बीच बढ़ती सौहार्दपूर्ण संबंधों का संकेत मिला।
इतिहास और राजनीतिक पृष्ठभूमि
राज ठाकरे ने 2005 में शिवसेना से अलग होकर एमएनएस की स्थापना की थी। उन्होंने उद्धव ठाकरे को पार्टी से बाहर निकलने का जिम्मेदार ठहराया था। हालांकि, महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में दोनों पार्टियों को भारी हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद दोनों नेताओं ने व्यक्तिगत कटुता को पीछे छोड़कर राजनीतिक समन्वय की संभावना तलाशना शुरू किया।
आगामी राजनीतिक परिदृश्य
पांच जुलाई को दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से रैली की थी, जिसमें भाजपा-नेतृत महाराष्ट्र सरकार द्वारा प्राथमिक स्कूलों में हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में लागू करने के फैसले का विरोध किया गया। आगामी स्थानीय निकाय चुनाव, जो 31 जनवरी 2026 से पहले होने हैं, से पहले शिवसेना (यूबीटी) और एमएनएस के बीच गठबंधन की संभावना बढ़ती दिख रही है। राजनीतिक विशेषज्ञ इसे दोनों पार्टियों की रणनीतिक कोशिश के रूप में देख रहे हैं।