मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट फिल्मसिटी का निर्माण शुरू होने से पहले ही मुंबई की प्रसिद्ध फिल्मसिटी के आधुनिकीकरण की तैयारियां शुरू कर दी गई है। राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार ने फिल्मसिटी के विकास के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईंओआई) आवेदन आमंत्रित किए हैं।
फिल्मसिटी का आधुनिकीकरण सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत होना है इसलिए इसकी शुरुआत पहले चरण में 22 एकड़ क्षेत्र में की जा रही है जिसमें स्टूडियो, आउटडोर लोकेशन, पोस्ट प्रोडक्शन सुविधाओं सहित आधारभूत संरचना में बदलाव शामिल है।
एमएफएससीडीसी की संयुक्त निदेशक अंचल गोयल के अनुसार फिल्म, मीडिया इंटरटेनमेंट के क्षेत्र में अनुभव रखने वाले विकासकर्ताओं से ईओआई आमंत्रित किए गए हैं। ओटीटी प्लेटफार्म आ जाने के बाद इनडोर एवं आउटडोर स्टूडियो की आवश्यकता महसूस की गई है।
इसलिए हम तकनीकी तौर पर उन्नत स्टूडियो बनाने का विचार कर रहे हैं। जिससे फिल्म या धारावाहिक बनाने वालों को एक ही स्थान पर सारी सुविधाएं मिल सके। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी 2550 करोड़ की लागत से फिल्मसिटी के आधुनिकीकरण की योजना तैयार की थी। लेकिन योजना परवान नहीं चढ़ सकी।
फिल्मसिटी को अन्य राज्यों से मिल रही है कड़ी टक्कर
फिल्म निर्माण के क्षेत्र में मुंबई फिल्मसिटी को अन्य राज्यों से कड़ी टक्कर मिल रही है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार नोएडा में अंतरराष्ट्रीय स्तर की फिल्मसिटी का निर्माण कर रही है। जेवर हवाई अड्डे के नजदीक बनाई जाने वाली यह एशिया की सबसे बड़ी फिल्मसिटी होगी।
इसके अलावा अन्य राज्य भी फिल्मों की शूटिंग को बढ़ावा देने के लिए तमाम तरह की रियायतें दे रहे हैं। वर्तमान में तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद स्थित रामोजी फिल्मसिटी से भी मुंबई फिल्मसिटी को कड़ी प्रतिस्पर्धा करनी पड़ रही है। ऐसे में मुंबई फिल्मसिटी के आधुनिकीकरण महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
521 एकड़ क्षेत्र में फैली है मुंबई फिल्मसिटी
दादासाहेब फाल्के के नाम पर 1977 में बनाई गई मुंबई फिल्मसिटी 521 एकड़ क्षेत्र में फैली है। लेकिन इसमें से 211 एकड़ में ही निर्माणकार्य की अनुमति है। फिलहाल, फिल्मसिटी में 16 इनडोर स्टेडियम और 40 से अधिक आउटडोर लोकेशन हैं।
इसके अलावा 80 वातानुकूलित मेकअप रूम हैं। यहां पहाड़ियां, झीलें, पुल, लंबी व घुमावदार सड़कें सहित हरे-भरे जंगल भी हैं। वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे और विहार झील के बीच में स्थित फिल्मसिटी संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के करीब है जो देश में महानगर के बीचोबीच एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान है। जहां हर साल करीब 1200 फिल्में बनती हैं।