फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

IRF: यूएपीए न्यायाधिकरण ने जाकिर नाइक की फाउंडेशन से अपना पक्ष रखने को कहा, केंद्र ने घोषित किया है गैरकानूनी संगठन

Mon, 20 Dec 2021 05:06 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अक्सर विवादों में रहने वाले इस्लामी उपदेशक जाकिर नाइक के संगठन को गैरकानूनी घोषित करने के केंद्र के फैसले पर यूएपीए न्यायाधिकरण ने संगठन से अपना पक्ष रखने के लिए कहा है।
विज्ञापन
Zakir Naik - फोटो : File
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्र सरकार ने विवादित इस्लामी उपदेशक जाकिर नाइक की इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) को गैरकानूनी संगठन घोषित करने का फैसला लिया है। केंद्र के इस निर्णय पर विचार करने की प्रक्रिया में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत एक न्यायाधिकरण ने फाउंडेशन से अपना पक्ष रखने के लिए कहा है। 

विज्ञापन


दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीएल पटेल के एक सदस्यीय गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम न्यायाधिकरण ने केंद्र सरकार का पक्ष रखने वाले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलें सुनने के बाद यह नोटिस जारी किया। बीती 15 नवंबर को केंद्र सरकार ने आईआरएफ को पांच साल के लिए एक गैरकानूनी संगठन घोषित कर दिया था।

2016 में भी आईआरएफ को घोषित किया गया था गैरकानूनी
केंद्र सरकार का कहना है कि यह संगठन ऐसी गतिविधियों में संलिप्त रहा है जो देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं और देश के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने, शांति और सद्भाव को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इससे पहले नवंबर 2016 में भी जाकिर नाइक की आईआरएफ पर 16 नवंबर 2021 तक के लिए केंद्र की ओर से ऐसा ही प्रतिबंध लगाया गया था। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें