गृह मंत्रालय ने पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर, लश्कर-ए-तोएबा संस्थापक हाफिज सईद, अंडरवल्र्ड डॉन और 1993 मुंबई धमाकों का मास्टमाइंड दाऊद इब्राहिम और 26 नवंबर 2008 के मुंबई आतंकी हमले के मुख्य आरोपी जकी उर रहमान लख्वी को व्यक्तिगत तौर पर आतंकवादी घोषित कर दिया है। बीते संसद सत्र में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून (यूएपीए) में संशोधन कर सरकार ने आतंकी संस्था के साथ व्यक्ति को भी आतंकवादी घोषित करने संबंधी नया कानून बनाया था। इसी नए कानून के तहत केंद्र ने बुधवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी की।
मसूद अजहर- संसद पर 2001 में हमले का गुनहगार जैश सरगना मसूद का 2001 में ही जम्मू-कश्मीर विधानसभा परिसर, 2017 में श्रीनगर में पठानकोट एयरबेस, 2016 में बीएसएफ कैंप और इस साल 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ की बस पर हमलों के पीछे भी हाथ माना जाता है। कश्मीर के अनंतनाग में 1994 में गिरफ्तार किया गया था, जिसे दिसंबर 1999 में अगवा किए गए भारतीय एयरलाइंस के विमान आईसी 814 के बंधकों के बदले रिहा किया गया था।
हाफिज सईद- एनआईए की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल हाफिज को 2008 के मुंबई हमलों को मास्टरमाइंड माना जाता है। भारत ने पहले ही हाफिज के आतंकी संगठनों लश्कर-ए-ताइबा और जमात-उद-दावा पर प्रतिबंध लगा रखा है। हाफिज पर अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ, रूस और ऑस्ट्रेलिया भी पाबंदी लगा चुके हैं। 2000 में लाल किला, 2008 में यूपी के रामपुर में सीआरपीएफ कैंप और 2015 में जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर में बीएसएफ के काफिले पर हमलों के पीछे जमात सरगना हाफिज का ही हाथ माना जाता है।
दाऊद इब्राहिम- 1993 में मुंबई में सिलसिलेवार बम धमाकों में अहम भूमिका निभाने वाले दाऊद को 2010 के बाद से दुनिया के शीर्ष 10 मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची में शामिल किया जा चुका है। इसे भी वैश्विक आतंकी घोषित किया गया है।
जकी उर रहमान लखवी- इसे लश्कर का ऑपरेशनल कमांडर माना जाता है और कश्मीर में आतंक फैलाने में इसकी अहम भूमिका रही है। लखवी भी एनआईए की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल है। हाफिज का दाहिना हाथ माने जाने वाले लश्कर कमांडर लखवी को 2000 में लालकिला, 2008 रामपुर सीआरपीएफ कैंप, 2008 में ही मुंबई, ऊधमपुर में बीएसएफ के काफिले पर हमलों का गुनहगार माना जाता है।
दाऊद इब्राहिम कास्कर- 1993 में मुंबई में सिलसिलेवार बम धमाकों का गुनहगार दाऊद अंतरराष्ट्रीय अंडरवर्ल्ड का संचालन करता है। दाऊद आतंकी हमलों की साजिश करने, आतंकी संगठनों को पैसे देने, धार्मिक कट्टरपंथ को बढ़ावा देने, जाली मुद्रा चलाने, मनी लांड्रिंग, मादक दवाओं की तस्करी, फिरौती और बेनामी रियल इस्टेट के कारोबार को भारत समेत विदेशों तक फैलाने में मदद करता है। दाऊद को 3 नवंबर, 2003 को अल कायदा की प्रतिबंधित सूची में शामिल किया गया था। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 6 अप्रैल, 2006 को उसके नाम पर एक खास नोटिस भी जारी किया था। उसे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और फौज का भी संरक्षण प्राप्त है।