यूएई दूतावास ने बताया कि जिन भारतीय पासपोर्ट धारकों के पास ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जापान, न्यूजीलैंड, दक्षिण कोरिया या सिंगापुर का वैध निवास परमिट है, वे अब यूएई के सभी प्रवेश बिंदुओं पर वीजा ऑन अराइवल प्राप्त कर सकते हैं। इससे पहले, भारतीय नागरिकों को वीजा ऑन अराइवल तभी मिलता था जब उनके पास अमेरिका, यूरोपीय संघ या ब्रिटेन का वैध वीजा, निवास परमिट या ग्रीन कार्ड होता था।
भारतीय नागरिकों के लिए संयुक्त अरब अमीरात के आगमन पर वीजा कार्यक्रम का विस्तार भारत के साथ उसकी स्थायी साझेदारी का प्रतिबिंब है। यह कदम दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों को दर्शाता है। यूएई के राजदूत अब्दुल नासिर अलशाली ने कहा कि इस नीति से द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा मिलेगा।
यूएई दूतावास ने बताया कि जिन भारतीय पासपोर्ट धारकों के पास ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जापान, न्यूजीलैंड, दक्षिण कोरिया या सिंगापुर का वैध निवास परमिट है, वे अब यूएई के सभी प्रवेश बिंदुओं पर वीजा ऑन अराइवल प्राप्त कर सकते हैं। इससे पहले, भारतीय नागरिकों को वीजा ऑन अराइवल तभी मिलता था जब उनके पास अमेरिका, यूरोपीय संघ या ब्रिटेन का वैध वीजा, निवास परमिट या ग्रीन कार्ड होता था। नए नियमों के तहत अब और देशों के परमिट धारक भी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। दूतावास के अनुसार, वीजा-ऑन अराइवल की विस्तारित पात्रता सुविधा 13 फरवरी से लागू की गई थी। यह भारत और यूएई के बीच यात्रा को व्यापक व सरल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
दीर्घकालिक संबंधों के लिए प्रतिबद्ध
राजदूत अलशाली ने कहा, यूएई का यह कदम भारत के साथ हमारे दीर्घकालिक संबंधों को दर्शाता है। यह एक व्यावहारिक कदम है जिससे परिवारों को मिलने, पेशेवरों को साथ काम करने और व्यवसायों को विस्तार करने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि दोनों देश अपने लोगों और अर्थव्यवस्थाओं के बीच और मजबूत संबंध बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। गौरतलब है कि 2023 में लगभग 45 लाख भारतीयों ने यूएई की यात्रा की। नई वीजा नीति से दोनों देशों के बीच आवाजाही और बढ़ने की उम्मीद है।