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Indian Navy: दुनिया जीतने निकलीं नौसेना की दो जांबाज महिला अधिकारी, 21600 समुद्री मील की करेंगी यात्रा

Wed, 02 Oct 2024 02:13 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी

सार

अभियान कितना खतरनाक और चुनौतियों से भरा होगा, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आठ महीने में 21,600 समुद्री मील की यात्रा महिला अधिकारी तय करेंगी।
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दो जांबाज महिला अधिकारी - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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भारतीय नौसेना की दो महिला अधिकारियों ने दुनिया पर फतह हासिल करने के लिए कमर कस ली है। भारतीय नौसेना की दो महिला अफसरों लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के और रूपा अलीगिरिसामी को पूरे विश्व के एकल नौकायन अभियान के प्रशिक्षण के लिए चुना गया है। यह महिला अधिकारी नाव पर बैठकर दुनिया का चक्कर लगाने के लिए आज रवाना हुईं। 

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आठ महीने में 21,600 समुद्री मील की यात्रा का लक्ष्य
यह अभियान कितना खतरनाक और चुनौतियों से भरा होगा, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आठ महीने में 21,600 समुद्री मील की यात्रा महिला अधिकारी तय करेंगी। इनकी नाव केप लीउविन, केप हॉर्न और केप ऑफ गुड होप के आसपास के खतरनाक जल मार्ग से होकर जाएगी।

अगले साल पूरी होगी यात्रा
भारतीय नौसेना की दो महिला अफसरों को पिछले साल नवंबर से 17 मीटर के पोत पर प्रशिक्षण दिया जा रहा था। प्रशिक्षण अभियान के तहत उन्होंने अब तक 38,000 समुद्री मील का नौकायन पूरा किया था। अब आखिरकार दोनों अधिकारी असली यात्रा पर निकल गई हैं। इनके अगले साल मई में गोवा लौटने की उम्मीद है।
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तारिणी से रवाना
इस ऐतिहासिक यात्रा को पणजी के पास नौसेना महासागर नौकायन नोड 'आईएनएस मंडोवी' से रवाना किया गया तथा दोनों अधिकारी भारतीय नौसेना नौकायन पोत (आईएनएसवी) तारिणी पर सवार हुए।नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने दक्षिणी नौसेना कमान के प्रमुख वाइस एडमिरल वी श्रीनिवास और अन्य की उपस्थिति में यात्रा को हरी झंडी दिखाई।

'हम सभी के लिए एक गर्व का पल'
एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने पत्रकारों से कहा, 'यह हम सभी के लिए एक गर्व का पल है। भारतीय नौसेना की दो जांबाज अधिकारी कठिन परिस्थितियों से लड़ने के लिए कौशल, साहस की भावना, निडरता और ध्यान तथा क्षमता का प्रदर्शन करेंगी। वहीं, भारतीय नौसेना उनके साहसिक कार्य पर नजर रखेगी। आज यात्रा शुरू करने के लिए हम उन्हें शुभकामनाएं देते हैं।'

उन्होंने आगे कहा कि चालक दल के केवल दो सदस्य हैं, लेकिन मिशन भारतीय ध्वज को ऊंचा फहराने का है। वे 38,000 समुद्री मील तक नौकायन कर चुके हैं और तीन साल का प्रशिक्षण भी ले चुके हैं। नौसेना के प्रवक्ता ने बताया कि आठ महीने की अवधि में दोनों अधिकारी बिना किसी बाहरी सहायता के 21,600 समुद्री मील से अधिक की यात्रा करेंगी और पूरी तरह से पवन ऊर्जा पर निर्भर रहेंगी।

इस अभियान की परिकल्पना भारतीय नौसेना द्वारा 2017 में नाविका सागर परिक्रमा के उद्घाटन के साथ की गई थी, जो छह अधिकारियों के सभी महिला चालक दल द्वारा दुनिया की पहली भारतीय परिक्रमा थी। 

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