कोरोना काल में संक्रमण के खतरे से बचने के लिए चार्टर ऐप से डीटीसी बसों में टिकट लेने की प्रक्रिया की शुरूआत हुई थी। ताजा आंकड़े बताते हैं कि इस ऐप के माध्यम से टिकट लेने की सुविधा यात्रियों को खूब पसंद आ रही है। अब रोजाना लगभग 10 हजार टिकट बुक किए जा रहे हैं।
मजे की बात यह है कि इस सुविधा का सबसे ज्यादा लाभ महिलाएं पिंक टिकट के रूप में ले रही हैं जिसके लिए उन्हें कोई भुगतान नहीं करना होता है क्योंकि दिल्ली सरकार ने महिलाओं के लिए बसों का सफर मुफ्त कर रखा है।
चार्टर ऐप से बसों में टिकट लेने की प्रक्रिया पिछले साल सितंबर महीने में रूट नंबर 534 पर गाजीपुर-हसनपुर बस डिपो से 35 बसों में की गई थी। वहीं, दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी-मॉडल ट्रांजिट सिस्टम (डिम्टस) ने इस सुविधा की शुरूआत अगस्त महीने में दिल्ली के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक 473 पर की गई थी।
फरवरी में दिल्ली की हजारों बसों में इसका परीक्षण किया जा रहा है। दिल्ली सरकार की योजना है कि कोई खामी पाए जाने पर जल्दी ही इसे डीटीसी की सभी 3760 बसों और डिम्टस की 2990 बसों में शुरू कर दिया जाएगा। डीटीसी बसों में चार्टर ऐप से टिकटिंग की यह सुविधा आईआईटी दिल्ली की तकनीकी सहयोग के बाद सफल हो पाई थी।
अभी भी इस टिकटिंग सिस्टम में कोई खामी पाए जाने पर उसे दूर किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। परिवहन विभाग के मुताबिक अब तक लगभग दो लाख लोग इसको डाउनलोड कर उपयोग कर रहे हैं। इसे इस्तेमाल करने वालों की संख्या में लगभग 10 प्रतिशत रोजाना की वृद्धि हो रही है।
गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड हो सकने वालेे इस ऐप के माध्यम से न सिर्फ टिकट हासिल किया जा सकता है, बल्कि किसी भी बस स्टैंड पर पहुंचकर यह भी पता लगाया जा सकता है कि उस बस स्टैंड से किसी रूट पर अगले आधे घंटे के बीच कितनी बसें गुजरने वाली हैं। ऐप पर रूट के सभी स्टॉप और पूरा रूट भी दिखाया जाता है।
ऐप से बस में लगे क्यूआर कोड को स्कैन कर रूट नंबर और बस स्टॉप डालकर मनचाहे मूल्य का टिकट प्राप्त किया जा सकता है। यात्रा समाप्त होते ही यह अवैध हो जाता है। महिला यात्रियों के लिए यह पिंक टिकट मुफ्त में लेने का सुझाव भी देता है।