मोरीगांव जिला जेल से दो कैदी फरार हो गए। यह पहली बार नहीं है जब मोरीगांव जेल से कैदी भागे हों। लगातार हो रही इन जेलब्रेक घटनाओं ने न केवल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं बल्कि जेल सुरक्षा व्यवस्था में तात्कालिक सुधार की मांग भी तेज कर दी है।
असम के मोरीगांव जिला जेल से मंगलवार रात दो कैदी रहस्यमय परिस्थितियों में फरार हो गए। फरार कैदियों की पहचान जियारुल इस्लाम और शुभ्रत सरकार के रूप में हुई है। इस घटना ने एक बार फिर जेल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
10 महीने पहले भागे थे पांच कैदी
यह पहली बार नहीं है जब मोरीगांव जेल से कैदी भागे हों। लगभग 10 महीने पहले पांच कैदी दीवार तोड़कर भाग निकले थे, जिनमें से दो का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। ताजा घटना ने जेल प्रशासन की कमजोरियों को और उजागर कर दिया है।
जेलब्रेक घटनाओं ने प्रशासन पर उठाए गंभीर सवाल
सूत्रों के अनुसार दोनों कैदियों ने जेल अधिकारियों की कथित लापरवाही का फायदा उठाया, हालांकि अभी आधिकारिक जांच पूरी नहीं हुई है। फरार कैदियों की तलाश में पुलिस ने अभियान शुरू कर दिया है। वहीं वरिष्ठ अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सुरक्षा चूक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लगातार हो रही इन जेलब्रेक घटनाओं ने न केवल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं बल्कि जेल सुरक्षा व्यवस्था में तात्कालिक सुधार की मांग भी तेज कर दी है।