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भारत-जापान संबंध हिंद प्रशांत में स्थिरता के लिए अहम: पीएम मोदी

Sun, 01 Dec 2019 03:38 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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जापान के मंत्रियों से मिलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : ANI
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भारत और जापान के बीच होने वाली ‘टू प्लस टू वार्ता’ के तहत जापानी विदेश मामलों के मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और जापानी रक्षा मंत्री तारो कोनो ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। पीएम मोदी ने इस मुलाकात के बाद कहा कि हिंद महासागर में शांति, समृद्धि और स्थिरता की मुख्य चाबी भारत-जापान संबंध हैं।

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पीएम मोदी ने कहा कि वह और जापानी पीएम शिंजो आबे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय साझेदारी को बेहद महत्व देते हैं। पीएम ने कहा कि उन्हें अगले महीने भारत-जापान सालाना सम्मेलन में शिंजो आबे के आने का इंतजार रहेगा।

 


समुद्री सहयोग बढ़ाने पर सहमति

इससे पहले, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने जापान के रक्षामंत्री तारो कोनों से मुलाकात कर हिंद प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा समेत कई सामरिक मुद्दों पर बात की। दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात टू प्लस टू वार्ता से पहले हुई। बैठक में दोनों पक्षों ने समुद्री सुरक्षा सहयोग को और बढ़ाने का फैसला किया गया।
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अधिकारियों के मुताबिक, दोनों मंत्रियों ने प्रौद्योगिकी हस्तांतरण ढांचे के तहत हथियार एवं सैन्य हार्डवेयर के विकास में संबंधों को बढ़ाने पर भी चर्चा की।  इसके अलावा दोनों पक्षों ने लंबे समय से लंबित यूएस-2 एम्फीबियस विमान की आपूर्ति के मुद्दे पर भी चर्चा की। रक्षामंत्री के अलावा विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जापानी समकक्ष मोतेगी से मुलाकात कर द्विपक्षीय और क्षेत्रीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा की


 जापानी रक्षामंत्री ने किया हिंडन एयरबेस का दौरा

जापान के रक्षामंत्री तारो कोनो ने शनिवार को भारतीय वायुसेना के हिंडन एयरबेस का दौरा किया। पश्चिम एयर कमान के सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर एयर मार्शल डी चौधरी और एयर ऑफिसर कमांडिंग आर तलवार ने जापानी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। इस दौरान जापानी मंत्री को हिंडन स्टेशन, उसकी संचालन भूमिका और वहां मौजूद उपकरणों की जानकारी दी।

 
 
गौरतलब है कि बीते साल पीएम नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने 13वें शिखर सम्मेलन के दौरान बीच द्विपक्षीय सुरक्षा व रक्षा सहयोग को मजबूती देने, विशेष सामरिक व वैश्विक भागीदारी में मजबूती लाने के उद्देश्य से नई व्यवस्था शुरू करने का फैसला किया था। 
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