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जासूसी मामले में पाक एंबेसी के दो और अधिकारियों के नाम सामने आए

Sat, 29 Oct 2016 04:04 AM IST
पुरुषोत्तम वर्मा/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : demo pic
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देश में पहले भी पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले पकड़े गए हैं। मगर दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने बृहस्पतिवार को जिस जासूसी कांड का पर्दाफाश किया है उससे प्रधानमंत्री कार्यालय समेत कई मंत्रालयों के कान खड़े हो गए हैं। 
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जासूसी कांड में पकड़े गए आरोपी खासकर शोएब ने देश की बड़ी मात्रा में गुप्त, संवेदनशील व देश की सुरक्षा को खतरे में डालने वाली सूचनाएं लीक कर दी हैं। इसे देखते हुए जासूसी कांड की कमान खुद प्रधानमंत्री कार्यालय ने संभाल ली है। 

प्रधानमंत्री के एक सलाहकार हर आधे घंटे में दिल्ली पुलिस व आईबी से अपडेट मांग रहे थे। शोएब ने यह भी खुलासा किया है कि वह पाक एंबेसी में भी लड़कियां सप्लाई करता था। हालांकि युवतियों को पेमेंट एबेंसी से होता था। 
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अधिकारियों को भारत छोड़ने के लिए कहा जा सकता है

- फोटो : demo pic
अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जासूसी करवाने में पाकिस्तान एंबेसी के दो वरिष्ठ अधिकारी अली और हुसैन के नाम सामने आए हैं। दिल्ली पुलिस को ऐसे सबूत मिले हैं, जिनसे साफ स्पष्ट होता है कि ये दोनों अधिकारी जासूसी कांड में शामिल थे। पाक एंबेसी के अधिकारियों के नाम सामने आने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय, विदेशी मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय की शुक्रवार दोपहर को बैठक बुलाई थी। 

यह बैठक शुक्रवार देर शाम तक चल रही थी। बताया जा रहा है कि जल्द ही कुछ और अधिकारियों को भारत छोड़ने के लिए कहा जा सकता है। खास बात यह है कि महमूद अख्तर, रमजान खान और सुभाष को पकड़े जाने की जानकारी शोएब को पाक एंबेसी से दी गई थी। 

अपराध शाखा सूत्रों का कहना है कि दिल्ली पुलिस की गिरफ्त से छूटकर जब महमूद अख्तर पाक एंबेसी पहुंचा तो उसने शोएब को वाट्सऐप कॉल कर पकड़े जाने के बारे में बताया था। शोएब तीन मोबाइल को होटल में ही छोड़कर फरार हो गया था। लेकिन इसने जियो का सिम अपने पास रखा हुआ था। इस जियो मोबाइल सिम के जरिये वह सुरक्षा एजेंसियों के हत्थे चढ़ गया। 
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